हरिद्वार की गूंज (24*7)
(अब्दुल सत्तार) हरिद्वार। समर्थन के साथ राज्यपाल को पत्र भेजा लंबे समय से की जा रही है, अस्पताल निर्माण की मांग, स्वास्थ्य महानिदेशक ने शासन को नहीं भेजा प्रस्ताव, सामाजिक संस्था ने दिया समर्थन पत्र साथ ही महामहिम राज्यपाल को करवाया अवगत, उत्तरी हरिद्वार में लंबे समय से सभी सुविधायुक्त अस्पताल की मांग में अब नया मोड आ गया है, हरिद्वार की सामाजिक संस्था स्वामी विवेकानंद जनहित ट्रस्ट ने अस्पताल निर्माण की मांग कर रहे मनोज निषाद को अपना समर्थन पत्र दे दिया है, संस्था की ओर से जारी समर्थन पत्र में कहा गया है, की मनोज के नेत्रत्व में सैकड़ों लोग इस मुहिम का हिस्सा बन रहे है लेकिन दुर्भाग्य है, की इतने लोगो के साथ होने के बाद भी शासन ओर प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं है, लिखा है की संस्था द्वारा इस विषय से सम्बन्धित पत्र महामहिम राज्यपाल श्री बेबी रानी मोर्य जी को भी भेजा है जिसमें उक्त विषय पर सङ्ग्यान लेते हुए उचित निर्देश देने का निवेदन किया गया है, उन्होने इस विषय पर मिलने के लिए भी राज्यपाल से समय मांगा है, संस्था के उपाध्यक्ष अदित्या सिंह राणा ओर सचिव गौतम खत्तर ने बताया है, की संस्था हर उस व्यक्ति के साथ कंधे से कंधा मिलकर खड़ी रहेगी जो जनहित का कार्य करेगा ओर इस मामले को राज्यपाल के समक्ष भी रखा जाएग, उन्होने अस्पताल निर्माण को ज़रूरी बताते हुए जल्द अस्पताल निर्माण होने की मांग को सही ठहराते हुए मनोज को समर्थन देने की बात कही है, पत्र देने के दौरान संस्था की ओर से आदित्य यादव, हिमांशु वर्मा, दीपक कुमार, राजा, विकी पाल, सहित महिला प्रकोष्ठ से नेहा मिश्रा, सिमरन अरोरा, मीनाक्षी बोहोत आदि उपस्थित रहें, बताते चलें की मुखिया गली भूपतवाला निवासी सामाजिक कार्यकर्ता मनोज निषाद ने जनहित के लिए यह मांग उठाई थी, जिसके चलते नगर निगम हरिद्वार ने 31-12-2016 को 2547.21 वर्गमीटर सर्किल रेट पर देने के लिए स्वीकृति दे चुका है, जिसके बाद तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी ने 01-05- 2019 सभी सुविधाओ से युक्त 50 बेड के अस्पताल का प्रस्ताव स्वास्थ्य महानिदेशक को भेज दिया था, जिसे महानिदेशक के द्वारा शासन को नहीं भेजा गया है, काफी इंतज़ार के बाद मनोज ने मामले को मानवाधिकार आयोग में डाला जहां से यह निर्देश हुआ था की जल्द अस्पताल निर्माण करवाया जाए लेकिन अभी तक निर्देशों का पालन नहीं हुआ है, हालांकि मनोज ने एक बार फिर से मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है, जिसकी सुनवाई अगले माह को होनी है, अस्पताल ओर पीएचसी के बीच फसा है, मामला, प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हरिद्वार दौरे के दौरान उत्तरी हरिद्वार में अस्पताल निर्माण की बात न करते हुए क्षेत्र को पीएचसी की सुविधा देने की घोषणा की थी जिसका विरोध क्षेत्र की जनता ने किया और अपनी अस्पताल निर्माण की मांग पूरी करने के लिए सरकार ने दबाव बनाया है।



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