हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर के सालाना उर्स के मौके पर खानकाह फैजाने वाहिद में शम्शूल आजम बनाया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पिरान कलियर में देशभर से लोग अपनी मन्नतें लेकर साबिर ए पाक पहुंचे और सालाना उर्स में शिरकत की। खानकाह फैजान ए वाहिद में सैय्यद फरीद आलम साबरी की सरपरस्ती में कव्वालियों के प्रोग्राम का आयोजन किया गया। जिसमें पंजाब, हरियाणा, बरेली, संभल, अजमेर शरीफ, दिल्ली, अलीगढ़, आगरा, मुंबई आदि जगहों से कव्वाल पहुंचे। कुरान ख्वानी के बाद सुफियाना कव्वाली (कलाम) की महफ़िल का आयोजन हुआ। हजारों की संख्या में पहुंचे मुरीदों ने कव्वाली का खूब लुत्फ उठाया। खानकाह में मौजूद अकीदतमंद सूफियाना कलाम सुनकर झूम उठे पुरानी परंपराओं के साथ कव्वालियों ने जब साबिर पाक की शान में कलाम पढ़ें तो लोग मदहोश हो गए। पीरोमुर्शीद सैय्यद फरीद आलम साबरी ने साबिर ए पाक के 751वें उर्स की मुबारकबाद देते हुए बताया कि खानकाह फैजान वाहिद में शम्शूल आजम बनाने की परंपरा है। इस परंपरा को सुफियाना तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। साबिर ए पाक के सालाना उर्स के मौके पर खानकाह फैजान ए वाहिद में शम्शूल आजम बनाया गया। जहां पर कव्वालो ने साबिर ए पाक की शान में सुफियाना कलाम पढ़ें। आपको बता दें कि पिरान कलियर में गुस्ल शरीफ का जल पाने के बाद देशभर से आये जायरीन नम आंखों से अपने गंतव्य को वापस लौट रहे हैं।
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