हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। भेल श्रमिको को अब तक इस वर्ष दीपावली से पूर्व बोनस का भुगतान नही हो सका है जिसके फलस्वरूप भेल के तीन ग़ैरमान्यता प्राप्त संगठनों को भेल के मैटीरियल गेट पर भेल कॉर्पोरेट प्रबंधिका को जल्द से जल्द बोनस की राशि का भुगतान करने के लिए प्रदर्शन करना पड़ा। तीनों संगठनों ने विनिवेशीकरण के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ जबरदस्त धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की, वही यूनियन के महामंत्री प्रशांत दीप गुप्ता अब्बास जसविंदर सिंह रामस्वरूप संजीव बाली रविंद्र कुमार नितिन सिंगल दीपक कुमार शिव कुमार मुनेश शेखर ललित सैनी अतुल मिश्रा प्रभात किशोर सुनील जोशी मनोज कुमार शंकर कुमार सुनील सैनी कमल सैनी आदि लोग मौजूद रहे अब तक बोनस का भुगतान नही हो सका है जिसके फलस्वरूप भेल के तीन ग़ैरमान्यता प्राप्त संगठनों को भेल के मैटीरियल गेट पर भेल कॉर्पोरेट प्रबंधिका को जल्द से जल्द बोनस की राशि का भुगतान करने के लिए धरना प्रदर्शन करना पड़ा। तीनों संगठनों ने विनिवेशीकरण के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। श्रमिक यूनियन हीप के महामन्त्री आशीष सैनी ने भेल प्रबंधिका के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भेल का प्रत्येक श्रमिक अपने कार्य के प्रति जागरूक है व बंधिका द्वारा दिया हर कार्य समय से पूरा करता है किंतु जब अपने कर्मचारियों को देने की बारी आती है तो प्रबंधिका लापरवाह हो जाती है, AIBEU हीप के महामन्त्री गगन वर्मा ने केंद्र सरकार की विनिवेशीकरण नीति की निंदा की और कहा कि सरकार देश के महारत्न पीएसयू कंपनीज को बेचने पर आमादा है यह वही कंपनी है जो सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व टैक्स के रूप में प्रतिवर्ष अदा करती है सरकार राजकोषीय अपने घाटे को पूरा करने के लिए इन संस्थानों को बेचने पर आमादा है जिससे मजदूरों में अथाह रोष व्याप्त है, जिसे भेल का कर्मचारी कभी सफल नही होने देगा, इसी क्रम में BSSU के महामन्त्री प्रशांत दीप गुप्ता ने भी भेल प्रबंधिका के व्यवहार पर नाराजगी प्रगट करते हुए कहा कि कहीं न कहीं श्रमिकों को हो रहे नुकसान के लिए केंद्रीय संगठनों को भी दोषी करार दिया, उन्होंने कहा कि यदि उचित समय रहते केंद्रीय नेता कॉरपोरेट प्रबंधिका से बात करते तो आज भेल के कर्मचारियों को बोनस का भुगतान मिल गया होता और भेल का कर्मचारी आज इतना मायूस न होता, वही एबू संगठन के राष्ट्रीय महासचिव कुमुद कुमार श्रीवास्तव ने भी बीएचएल प्रबंधन की मजदूर विरोधी पॉलिसी पर सवाल उठाए तथा स्टेट विभाग की कार्यशैली पर भी रोष व्यक्त किया तथा प्रबंधन को आगाह किया कि यदि उन्होंने अपनी कार्यशैली में परिवर्तन कर कर्मचारियों के हित में कार्य नहीं किया तो इसके लिए भी लामबंद होने पर मजबूर होंगे। इस अवसर पर यूनियन महामंत्री प्रशांत दीप गुप्ता, अब्बास, जसविंदर सिंह, रामस्वरूप, संजीव बाली, रविंद्र कुमार, नितिन सिंगल, दीपक कुमार, शिव कुमार, मुनेश शेखर, ललित सैनी, अतुल मिश्रा, प्रभात किशोर, सुनील जोशी, मनोज कुमार, शंकर कुमार, सुनील सैनी, कमल सैनी आदि लोग मौजूद रहे।



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