हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। न्याय विभाग में लिपिक के पद पर भर्ती के लिए उत्तराखंड राज्य के बाहर किसी भी प्रदेश के युवाओं के द्वारा आवेदन किए जाने के सरकार के निर्णय का चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति रजिस्टर्ड विरोध करेगी, समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे ने कहा कि उत्तराखंड अधीनस्थ सिविल न्यायालय लिपिक वर्गीय अधिष्ठान नियमावली को संशोधन किए जाने की पूरे राज्य में निंदा की जा रही है, और उत्तराखंड के बेरोजगार युवा अत्याधिक आक्रोशित है, और सरकार के इस निर्णय से आगबबूला हो रखे है, पांडे ने कहा कि जिन अवधारणा को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने अनेकों कुर्बानियां देकर इस राज्य का निर्माण किया था, हमारा अलग राज्य होगा, पहाड़ की राजधानी पहाड़ में होगी, पहाड़ों का विकास होगा, पहाड़ों में प्लाय रुक सकेगा, पहाड़ के बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा परंतु सब उलट हो रहा है, उन्होंने कहा कि उधर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नैनीताल सांसद श्री अजय भट्ट बंगालियों की पैरवी कर रहे है, मात्र वोट की राजनीति को लेकर बंगाली समुदाय की लोकसभा में पैरवी करते हुए उत्तराखंड के सूरमा श्री अजय भट्ट कहते है, कि बंगालियों को अनुसूचित जाति का दर्जा देकर उनको आरक्षण दिया जाए, बांग्ला भाषा में पढ़ाई बांग्ला भाषा का शिक्षकों को प्रशिक्षण बंगाली में पाठ्यक्रम तथा बंगालियों को नौकरी मिलनी चाहिए, पांडे ने कहा कि श्री अजय भट्ट ने कभी यह नहीं कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को आरक्षण मिलना चाहिए, चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे ने राज्य के समस्त राज्य वासियों राज्य आंदोलनकारियों से आह्वान किया, कि अपनी गहरी नींद से जागो वरना सब कुछ बर्बाद हो जाएगा, फिर पश्चाताप करके कुछ मिलने वाला नहीं सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरोध में सड़कों पर उतरे और विरोध करो।



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