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(निशात कुरैशी) देवबंद। दारुल उलूम देवबंद का एक फतवा सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है हालांकि यह फतवा एक साल पुराना है फतवा मागने वाले ने दारुल उलूम देवबंद की इफ्ता कमेटी से सवाल कर जवाब मागा था की क्या अपनी दुकान व मकान के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवा सकते है या नही शरियत क्या कहती है इस बारे मे तो दारुल उलूम की इफ्ता कमेटी से जवाब आया की अगर बहुत ज्यादा ही जरूरत है,
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तो लगवा सकते है वैसे इस्लाम मे बगैर जरूरत फोटो खिचवाना या सीसीटीवी कैमरे लगवाना इसकी इस्लाम मे जरूरत नही है ओर ये नाजायज है।

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सोशल मीडिया के ऊपर जो इस वक्त में दारुल उलूम देवबंद का फतवा वायरल हो रहा है वह तकरीबन आज से 1 साल पुराना पहले का फतवा है फतवा मालूम करने वाले ने दारुल उलूम से मालूम किया कि किसी का कोई मकान है दुकान है और वहां पर लोगों की आना जाना रहता है तो उसके बाहर मकान या दुकान के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगवाना कैसा है शरीयत के अंदर इसका क्या हुकुम है तो दारुल उलूम देवबंद ने फतवे को मद्देनजर रखते हुए फतवे का जो जवाब दिया है उसके अंदर दारुल उलूम देवबंद ने यही कहा है कि अगर ज्यादा जरूरत है तो सीसीटीवी कैमरा लगाया जा सकता है लेकिन अगर बिना जरूरत बगैर ना हो फिर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए तो शरीयत के अंदर इसकी इजाजत नहीं है क्योंकि शरियत के अंदर तस्वीर खिंचवा ना बिना जरूरत के तस्वीर खिंचवाना या खींचना शरियत के अंदर जायज नहीं है सीसीटीवी कैमरा जो है उसी का हुकुम रखता है तो उसी को मध्य नजर रखते हुए दारुल उलूम देवबंद ने यह फतवा दिया है और हम सब फतवे की ताकीद करते हैं।
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