हरिद्वार की गूंज (24*7)
(इमरान देशभक्त) रुड़की। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के निधन से जहां राजनीतिक क्षेत्रों में शोक है वहीं साहित्यिक व सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी दुख व्याप्त है। क्षेत्र के कवियों एवं साहित्यकारों ने श्री पंत के निधन को प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है अंतरराष्ट्रीय कवि व शायर अफजल मंगलौरी ने कहा प्रकाश पंत साहित्यकारों एवं रचनाकारों का सम्मान ही नहीं करते थे अपितू उनकी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सेवाओं को सराहते भी थे। उन्होंने कहा कि श्री पंत उनके बड़े भाई के समान थे और वह सदैव अपने राजकीय एवं व्यक्तिगत कार्यक्रमों में हमेशा उनको बुलाया करते थे और उनकी रचनाओं को विशेष रूप से अपने निवास पर सुना करते थे। मंगलौरी ने कहा कि स्वर्गीय पंत कवि हृदय होने के साथ-साथ एक सूफी व आध्यात्मिक व्यक्ति भी थे तथा वे सभी धर्मों का सम्मान करते थे।वे अनेक बार जब भी हरिद्वार आते थे तो पिरान कलियर शरीफ व्यक्तिगत रूप से अपनी हाजिरी भी देते थे।शायर मंगलौरी ने कहा कि प्रदेश की जनता एक महान राजनीतिक व्यक्तित्व साहित्य के पुरोधा तथा रूहानियत को बढ़ावा देने वाले महान शख्स से महरूम हो गई है। देहरादून पहुंचकर स्वर्गीय पंत को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की, वहीं दूसरी ओर नगर के साहित्यकार डॉक्टर योगेंद्र नाथ शर्मा अरुण, कवि डा.अनिल शर्मा सरल, शायर ओमप्रकाश नूर, विकास वशिष्ठ, सैयद नफीस उल हसन तथा इमरान देशभक्त आदि ने भी उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है तथा उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।



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