हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। उत्तरखण्ड पर्यटन विभाग एवं वन विभाग की ओर से आयोजित स्मृति वन कार्यक्रम का आज जिलाधिकारी दीपक रावत ने उद्घाटन किया, राज्य सरकार द्वारा 2013 में केदारनाथ आपदा में अपने प्रिय जनों को गंवा चुके यात्रियों, स्थानीय निवासियों, राज्य में आने वाले तीर्थ यात्रियों के सहयोग से सभी जनपदों में स्मृति वनों को विकसित किये जाने के उद्देश्य से योजना की शुरूआत की है, जिलाधिकारी ने कहा कि समान्य दिनों में बिना किसी मेले या पर्व केे भी हरिद्वार में एक बड़ी आबादी हरिद्वार में भ्रमण करती है, यात्रियों को योजना से जोड़ते हुए धर्म पयर्टन और पर्यावरण का मेल करते हुए एक पहल की गयी है, इस योजना में हरिद्वार स्थित सभी शमशान घाट समितियों के माध्यम से अंतिक संस्कार करने आने वाल लोगो को स्मृति में वन लगाये जाने के लिए प्रेरित किया जायेगा, लोगों द्वारा यह वृक्ष वन विभाग द्वारा चिन्हित भूमि पर विकसित किया जा रहा है। जोकि कनखल में गंगा वाटिका व हरिद्वार में खड़खड़ी श्मशान घाट के निकट है। पर्यटन विभाग के माध्यम से भी हरिद्वार आने वाले पर्यटक, श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक निर्धारित पंजिकरण शुल्क 11 सौ रूप्ये देकर कोई भी वृक्ष अपने पित्रों, पूवर्जो, प्रिय जनों की याद में लगा सकते है। उस वृक्ष की देखरेख वन विभाग व स्वय सेवी संस्था द्वारा की जायेगी, वृक्ष लगाने वाला व्यक्ति अपने वृक्ष की स्थिति फोन के माध्यम से आॅनलाइन भी परीक्षण कर सकता है,1100 रूप्ये की धनराशि वृक्षों की देरखरेख करने वाले स्वयं सहायता समूह की दी जायेगी, इस राशि से स्वंय सहायता समूह वन विभाग से पौधे क्रय करना, ट्री गार्ड बनाना, पौधे को पानी दिया जाना तथा उसकी देखभाल करेंगे, स्वंय सहायता समूह प्रत्येक सप्ताह पौधे की फोटो खींचकर उसे स्मृति वन मोबाइल एप् पर अपलोड करेंगे, जिलाधिकारी सहित नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय, एचआरडीए सचिव केके मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल, सीएमओ प्रेमलाल, जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों ने पंजिकरण शुल्क अदा कर अपने पूर्वजों की स्मृति में वृक्ष लगाये, इस दिन केा राज्य सरकार द्वारा राज्य आपदा प्रबंधन न्यूनिकरण दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, आपदा प्रबंधन विभाग हरिद्वार के आपदा मित्रों ने भी वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
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