हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। गंगा के जन्मोत्सव के अवसर पर निर्मल गंगा जन अभियान के अंतर्गत लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से आज शांतिकुंज परिवार के आठ सौ से अधिक कार्यकर्त्ता भाई-बहिन हरिद्वार के विभिन्न कालोनियों में पहुँचे। जहाँ उन्होंने शहरवासियों को व्यक्तिगत रूप से मिलकर पतित पावनी गंगा को निर्मल बनाये रखने हेतु सहयोग के लिए समर्थन माँगा। इससे पूर्व वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं के उद्बोधन के बाद शांतिकुंज परिवार ने निर्मल गंगा जन जागरण रैली निकाली। उल्लेखनीय है कि शांतिकुंज ने विगत वर्ष भी देश के तीन सौ से अधिक जिलों में पतित पावनी गंगा आदि नदियों के साथ विभिन्न जलस्रोतों को स्वच्छ बनाये रखने हेतु गंगा सप्तमी को विशेष जन जागरण एवं स्वच्छता अभियान चलाया था। अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि पतित पावनी गंगा भारत की धरोहर है। इसे निर्मल बनाये रखने हेतु जनमानस में एक व्यापक वैचारिक परिवर्तन की आवश्यकता है। एक ऐसा परिवर्तन जो पहले व्यक्ति के अंदर को साफ करें, फिर अंदर से बाहर की ओर विस्तारित हो और वे स्वच्छता के प्रति जागरुक होने के साथ अपने पड़ौसियों, मित्रों को भी जागरूक कर सके। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि तीर्थ नगरी में रहने वाले सभी लोगों को इस दिशा में सार्थक पहल करने के लिए अपने कदम बढ़ाना चाहिए, ताकि गंगा को निर्मल, अविरल व स्वच्छ बनाये रखने में हरेक की भागीदारी हो सके। व्यवस्थापक श्री शिवप्रसाद मिश्र ने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत आज से लेकर गायत्री जयंती तक पाँच हजार से अधिक टोलियाँ जन सम्पर्क कार्यक्रम चलायेंगी। ये टोलियाँ गंगा के दोनों तटों पर बसे कस्बों, नगरों, शहरों में जायेंगी और गंगा के प्रति स्वच्छता पर जागरूक करेंगी और २ जून को होने वाले गृहे-गृहे यज्ञ, गृहे-गृहे उपासना के लिए आमंत्रित करेंगी। केन्द्रीय जोनल समन्वयक श्री कालीचरण शर्मा ने कहा कि गंगा भारतीय संस्कृति की धारा है। इसे स्वच्छ बनाये रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इस अवसर पर डॉ. बृजमोहन गौड़, शांतिकुंज महिला मण्डल की प्रमुख श्रीमती यशोदा शर्मा आदि ने संबोधित किया।
अभियान की जानकारी देते हुए रचनात्मक प्रकोष्ठ के समन्वयक श्री केदार प्रसाद दुबे ने बताया कि शांतिकुंज की महिला मण्डल एवं उनके साथ विभिन्न साधना शिविरों में आई बहिनें तथा कार्यकर्त्ताओं भाइयों के साथ विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों के भाइयों की दो-दो की संख्या में ३५० टोलियाँ बनाई गयी। ये टोलियाँ हरिपुर कलाँ से लेकर हरिद्वार के उत्तरी क्षेत्र से लेकर बीएचईएल, सुभाष नगर, रानीपुर मोड़, रावली महदूद, रोशनाबाद, शिवालिक नगर, शिवलोक, सहित विभिन्न क्षेत्रों के करीब आठ हजार घरों में गयीं। जहाँ घर-घर जाकर नगरवासियों को गंगा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से अवगत कराया। साथ ही उन्हें गंगा में कूड़ा कचरा नहीं डालने, शहर को स्वच्छ रखने, जैसे कार्यों में सहयोग करने हेतु समर्थन माँगा, तो वहीं शांतिकुंज टीम ने सद्बुद्धि प्रदात्री माता गायत्री व सदैव सत्कर्म करते रहने की प्रेरणा देने वाले यज्ञ को वर्तमान समय की महती आवश्यक बताई। हरिद्वार नागरिक मंच सहित शहर के विभिन्न संगठनों ने शांतिकुंज के इस कार्य की खूब सराहना की।
(रजत चौहान) हरिद्वार। गंगा के जन्मोत्सव के अवसर पर निर्मल गंगा जन अभियान के अंतर्गत लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से आज शांतिकुंज परिवार के आठ सौ से अधिक कार्यकर्त्ता भाई-बहिन हरिद्वार के विभिन्न कालोनियों में पहुँचे। जहाँ उन्होंने शहरवासियों को व्यक्तिगत रूप से मिलकर पतित पावनी गंगा को निर्मल बनाये रखने हेतु सहयोग के लिए समर्थन माँगा। इससे पूर्व वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं के उद्बोधन के बाद शांतिकुंज परिवार ने निर्मल गंगा जन जागरण रैली निकाली। उल्लेखनीय है कि शांतिकुंज ने विगत वर्ष भी देश के तीन सौ से अधिक जिलों में पतित पावनी गंगा आदि नदियों के साथ विभिन्न जलस्रोतों को स्वच्छ बनाये रखने हेतु गंगा सप्तमी को विशेष जन जागरण एवं स्वच्छता अभियान चलाया था। अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि पतित पावनी गंगा भारत की धरोहर है। इसे निर्मल बनाये रखने हेतु जनमानस में एक व्यापक वैचारिक परिवर्तन की आवश्यकता है। एक ऐसा परिवर्तन जो पहले व्यक्ति के अंदर को साफ करें, फिर अंदर से बाहर की ओर विस्तारित हो और वे स्वच्छता के प्रति जागरुक होने के साथ अपने पड़ौसियों, मित्रों को भी जागरूक कर सके। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि तीर्थ नगरी में रहने वाले सभी लोगों को इस दिशा में सार्थक पहल करने के लिए अपने कदम बढ़ाना चाहिए, ताकि गंगा को निर्मल, अविरल व स्वच्छ बनाये रखने में हरेक की भागीदारी हो सके। व्यवस्थापक श्री शिवप्रसाद मिश्र ने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत आज से लेकर गायत्री जयंती तक पाँच हजार से अधिक टोलियाँ जन सम्पर्क कार्यक्रम चलायेंगी। ये टोलियाँ गंगा के दोनों तटों पर बसे कस्बों, नगरों, शहरों में जायेंगी और गंगा के प्रति स्वच्छता पर जागरूक करेंगी और २ जून को होने वाले गृहे-गृहे यज्ञ, गृहे-गृहे उपासना के लिए आमंत्रित करेंगी। केन्द्रीय जोनल समन्वयक श्री कालीचरण शर्मा ने कहा कि गंगा भारतीय संस्कृति की धारा है। इसे स्वच्छ बनाये रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इस अवसर पर डॉ. बृजमोहन गौड़, शांतिकुंज महिला मण्डल की प्रमुख श्रीमती यशोदा शर्मा आदि ने संबोधित किया।
अभियान की जानकारी देते हुए रचनात्मक प्रकोष्ठ के समन्वयक श्री केदार प्रसाद दुबे ने बताया कि शांतिकुंज की महिला मण्डल एवं उनके साथ विभिन्न साधना शिविरों में आई बहिनें तथा कार्यकर्त्ताओं भाइयों के साथ विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों के भाइयों की दो-दो की संख्या में ३५० टोलियाँ बनाई गयी। ये टोलियाँ हरिपुर कलाँ से लेकर हरिद्वार के उत्तरी क्षेत्र से लेकर बीएचईएल, सुभाष नगर, रानीपुर मोड़, रावली महदूद, रोशनाबाद, शिवालिक नगर, शिवलोक, सहित विभिन्न क्षेत्रों के करीब आठ हजार घरों में गयीं। जहाँ घर-घर जाकर नगरवासियों को गंगा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से अवगत कराया। साथ ही उन्हें गंगा में कूड़ा कचरा नहीं डालने, शहर को स्वच्छ रखने, जैसे कार्यों में सहयोग करने हेतु समर्थन माँगा, तो वहीं शांतिकुंज टीम ने सद्बुद्धि प्रदात्री माता गायत्री व सदैव सत्कर्म करते रहने की प्रेरणा देने वाले यज्ञ को वर्तमान समय की महती आवश्यक बताई। हरिद्वार नागरिक मंच सहित शहर के विभिन्न संगठनों ने शांतिकुंज के इस कार्य की खूब सराहना की।



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