हरिद्वार की गूंज (24*7)
(अब्दुल सत्तार) हरिद्वार। आज भारत की आबादी दुनिया के तमाम देशो मे दूसरे नम्बर पर पहले नम्बर पर पडोसी देश चीन की आबादी है, ज्यादा आबादी होने के कारण सुविधाओं का अभाव समाज को झेलना पडता है, अब भारत की अस्वच्छता को ही ले लो, जगह जगह कूडे के ढेर लगे रहते है, नाले नालियो और नदी नहरो मे कूडे के ढेरो से भरे मिलेंगे जिस कारण से गंदगी और अस्वचछता का माहोल जगह जगह आपको देखने को मिलेगा, उसका कारण हम यानी समाज ही है, हम लोग साफ सफाई के प्रति गम्भीर नही है, हम यानी समाज स्वयं अपने घर के बाहर साफ सफाई नही रखना चाहता है, यदि हम समाज के प्रत्येक आदमी को साफ सफाई स्वयं करने की आदत डाल ले, तो समाज के अन्दर कही पर भी सडको गली मोहल्लो कालोनियों चौराहों नदी नहरो नाले नालियों मे गंदगी पडी हुई नही मिलेगी, और भारत जल्द ही स्वच्छ बनकर रहेगा, बस सोचने और सभलने और एक जुट होने की आवश्यकता है, तब जाकर ही एक स्वच्छ भारत का निर्माण होगा, समाज के लोगो को स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने की आवश्यकता है। तथा ना सुधरने वाले लोगो के लाए कठोर कार्यवाही कराकर सबक सिखाने की आवश्यकता है।
(अब्दुल सत्तार) हरिद्वार। आज भारत की आबादी दुनिया के तमाम देशो मे दूसरे नम्बर पर पहले नम्बर पर पडोसी देश चीन की आबादी है, ज्यादा आबादी होने के कारण सुविधाओं का अभाव समाज को झेलना पडता है, अब भारत की अस्वच्छता को ही ले लो, जगह जगह कूडे के ढेर लगे रहते है, नाले नालियो और नदी नहरो मे कूडे के ढेरो से भरे मिलेंगे जिस कारण से गंदगी और अस्वचछता का माहोल जगह जगह आपको देखने को मिलेगा, उसका कारण हम यानी समाज ही है, हम लोग साफ सफाई के प्रति गम्भीर नही है, हम यानी समाज स्वयं अपने घर के बाहर साफ सफाई नही रखना चाहता है, यदि हम समाज के प्रत्येक आदमी को साफ सफाई स्वयं करने की आदत डाल ले, तो समाज के अन्दर कही पर भी सडको गली मोहल्लो कालोनियों चौराहों नदी नहरो नाले नालियों मे गंदगी पडी हुई नही मिलेगी, और भारत जल्द ही स्वच्छ बनकर रहेगा, बस सोचने और सभलने और एक जुट होने की आवश्यकता है, तब जाकर ही एक स्वच्छ भारत का निर्माण होगा, समाज के लोगो को स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने की आवश्यकता है। तथा ना सुधरने वाले लोगो के लाए कठोर कार्यवाही कराकर सबक सिखाने की आवश्यकता है।



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