हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। यदि अमेरिका, सऊदी तब और इंडोनेशिया वाले सनातन धर्म का अनुशरण कर सकते हैं सम्मान दे सकते हैं तो हमे भी सम्मान देना चाहिए। गलत तब है यदि हम अपने संस्कार भूलकर उनको जरूरत से ज्यादा महत्त्व दे। यदि किसी को इंग्लिश चीजो नय साल आदि से नफरत हैं तो क्या वो अंग्रेजी दवा का बहिष्कार करके आर्युवेद ही प्रयोग में लाते है? सम्मान पाने के लिये हमें सम्मान देना भी सीखना चाहिए। मेरा विवेक तो यही कहता हैं। बाकि भारत देश आजाद है जैसी आपकी मर्जी। नव वर्ष 2019 आप और आपके परिवार के लिये मंगलमय हो।
Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours