हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मनीष लखानी)
हरिद्वार। अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख एवं गायत्री विद्यापीठ के अभिभावक डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि विद्यार्थी ही भावी राष्ट्र के कर्णधार हैं, आने वाले दिनों के प्रकाश हैं। परिवार, समाज व राष्ट्र में यदि प्रकाश फैलेगा तो वह संस्कारवान विद्यार्थियों के कारण ही होगा। विद्यार्थियों को विद्याध्ययन के साथ-साथ सुसंस्कारिता का अभ्यास भी करते रहना चाहिए।
वे गायत्री विद्यापीठ के वार्षिकोत्सव व खेल महोत्सव के समापन अवसर पर देसंविवि के मृत्युंजय सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान श्रद्धेय डॉ. पण्ड्या जी ने पतित पावनी गंगा व उसकी सहायक नदियों की सफाई व अविरल बहती रहे, इसके लिए प्रोत्साहित करते हुए संकल्पित कराया। वहीं श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि बाल्यावस्था जीवन को गढ़ने और सँवारने का सर्वोत्तम समय है। इस दौरान परिवार ही नहीं, समाज और राष्ट्र के नवनिर्माण की भी नींव रखी जाती है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में देवस्य, प्रज्ञेश, विनय, रजत, अनुसूया, सृष्टि, पुष्कार आदि विद्यार्थियों द्वारा मां गंगा की व्यथा-वेदना पर प्रस्तुत लघुनाटिका ने उपस्थित लोगों को गंगा को निर्मल व अविरल बनाने की दिशा में सार्थक पहल करने की अपील की। तो वहीं पर्यावरण संरक्षण के लिए मौन प्रस्तुति ने सभी को रोमांचित कर दिया। कु. स्तुति, एकता, वंशदा, सहज, नित्या, खुशी आदि नन्हें-मुन्ने बच्चों की मनमोहक नृत्य ने उपस्थित लोगों को झूमने को मजबूर कर दिया।
खेल महोत्सव में केला रेस, नींबू दौड़, स्कूल के लिए तैयार होना, बतख दौड़, मेढ़क दौड़, बोतल में पानी भरना, बोरा दौड़, रस्सी दौड़, रिले दौड़, घड़ा दौड़ आदि प्रतियोगिताओं में बच्चों ने अपना दमखम दिखाया। बच्चे गिरते रहे, पर जोश में कमी आने नहीं दी और वे अपने लक्ष्य तक पहुँचकर ही दम लिया। इन खेलों में राधिका, अदिति, वंश, आदित्य, आयुषी, प्रज्ञा, खुशी, ऋषभ, मनीष, निर्मला, अंशुमान, अंशिका, निःस्वार्थ, सहज, निर्मल, प्रिया, अनुरक्ति, उदय, प्रिंस, सुहानी, ख्याति, गोविन्द, अतुल्य, तान्या, अविनाश, कनक, हार्दिक, प्रियंका, अनन्या, भूमि, रोहित, कुमुद, अमित, विशाखा, अभिषेक, अनमोल, चेतना, अर्पित, सिद्धि, श्रेयांश, सुमन, दिपाली, मार्गी, देवेन्द्र, तुषार, अर्चिता, अंशुल, प्रीति, विवेक, धर्मेन्द्र ने अपने-अपने खेल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजयी बच्चों को विद्यापीठ व्यवस्था मण्डल की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती शेफाली पण्ड्या, प्रधानाचार्य सीताराम सिन्हा एवं शांतिकुंज महिला मण्डल प्रमुख श्रीमती यशोदा शर्मा ने पुरस्कृत किया। समापन अवसर पर विद्यापीठ के समस्त शिक्षक व कर्मचारी एवं शांतिकुंज, हरिपुर कलॉ, हरिद्वार, कनखल, भोपतवाला के छात्र-छात्राओं के अभिभावक उपस्थित थे।
(मनीष लखानी)
हरिद्वार। अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख एवं गायत्री विद्यापीठ के अभिभावक डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि विद्यार्थी ही भावी राष्ट्र के कर्णधार हैं, आने वाले दिनों के प्रकाश हैं। परिवार, समाज व राष्ट्र में यदि प्रकाश फैलेगा तो वह संस्कारवान विद्यार्थियों के कारण ही होगा। विद्यार्थियों को विद्याध्ययन के साथ-साथ सुसंस्कारिता का अभ्यास भी करते रहना चाहिए।
वे गायत्री विद्यापीठ के वार्षिकोत्सव व खेल महोत्सव के समापन अवसर पर देसंविवि के मृत्युंजय सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान श्रद्धेय डॉ. पण्ड्या जी ने पतित पावनी गंगा व उसकी सहायक नदियों की सफाई व अविरल बहती रहे, इसके लिए प्रोत्साहित करते हुए संकल्पित कराया। वहीं श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि बाल्यावस्था जीवन को गढ़ने और सँवारने का सर्वोत्तम समय है। इस दौरान परिवार ही नहीं, समाज और राष्ट्र के नवनिर्माण की भी नींव रखी जाती है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में देवस्य, प्रज्ञेश, विनय, रजत, अनुसूया, सृष्टि, पुष्कार आदि विद्यार्थियों द्वारा मां गंगा की व्यथा-वेदना पर प्रस्तुत लघुनाटिका ने उपस्थित लोगों को गंगा को निर्मल व अविरल बनाने की दिशा में सार्थक पहल करने की अपील की। तो वहीं पर्यावरण संरक्षण के लिए मौन प्रस्तुति ने सभी को रोमांचित कर दिया। कु. स्तुति, एकता, वंशदा, सहज, नित्या, खुशी आदि नन्हें-मुन्ने बच्चों की मनमोहक नृत्य ने उपस्थित लोगों को झूमने को मजबूर कर दिया।
खेल महोत्सव में केला रेस, नींबू दौड़, स्कूल के लिए तैयार होना, बतख दौड़, मेढ़क दौड़, बोतल में पानी भरना, बोरा दौड़, रस्सी दौड़, रिले दौड़, घड़ा दौड़ आदि प्रतियोगिताओं में बच्चों ने अपना दमखम दिखाया। बच्चे गिरते रहे, पर जोश में कमी आने नहीं दी और वे अपने लक्ष्य तक पहुँचकर ही दम लिया। इन खेलों में राधिका, अदिति, वंश, आदित्य, आयुषी, प्रज्ञा, खुशी, ऋषभ, मनीष, निर्मला, अंशुमान, अंशिका, निःस्वार्थ, सहज, निर्मल, प्रिया, अनुरक्ति, उदय, प्रिंस, सुहानी, ख्याति, गोविन्द, अतुल्य, तान्या, अविनाश, कनक, हार्दिक, प्रियंका, अनन्या, भूमि, रोहित, कुमुद, अमित, विशाखा, अभिषेक, अनमोल, चेतना, अर्पित, सिद्धि, श्रेयांश, सुमन, दिपाली, मार्गी, देवेन्द्र, तुषार, अर्चिता, अंशुल, प्रीति, विवेक, धर्मेन्द्र ने अपने-अपने खेल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजयी बच्चों को विद्यापीठ व्यवस्था मण्डल की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती शेफाली पण्ड्या, प्रधानाचार्य सीताराम सिन्हा एवं शांतिकुंज महिला मण्डल प्रमुख श्रीमती यशोदा शर्मा ने पुरस्कृत किया। समापन अवसर पर विद्यापीठ के समस्त शिक्षक व कर्मचारी एवं शांतिकुंज, हरिपुर कलॉ, हरिद्वार, कनखल, भोपतवाला के छात्र-छात्राओं के अभिभावक उपस्थित थे।





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