हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। नगर निकाय चुनाव का पर्चा दाखिल करने का कार्य शुरू हो गया है, देश की दोनो बडी राजनीतिक पार्टियों ने अपने अपने प्रत्याशियों की सूचि जारी कर दी है, लेकिन गौर देने योग्य बात यह है, कि वोटर एक दिन का बादशाह होता है, और वोटर के एक दिन के बादशाह होने का लाभ जीतने वाले प्रत्याशी पूरे 5 वर्ष उठाता है, दोनो ही राजनीतिक पार्टियों के अन्दर कमी चली आ रही है, एक पार्टी विरासत के आधार पर टिकट देती है, दूसरी पार्टी अपनी जाति के आधार पर टिकट देती है, दोनो ही पार्टियों की सोच आने वाले भारत के भविष्य के लिए घातक सिद्ध हो सकती है, हरिद्वार नगर निगम की पार्षद सूचि मे एक विरासत वाली पार्टी ने विरासत के आधार पर टिकट बांटे जिसमे एक समुदाय विशेष के 10 को प्रत्याशी बनाया गया, तथा दूसरी राजनीतिक पार्टी जिसके मुखिया सबका साथ सबका विकास के नारे के साथ सत्ता पर काबिज हुई, उस पार्टी ने अपनी कट्टर छवि को बरकरार रखते हुए, नगर निगम हरिद्वार के पार्षद पद के प्रत्याशियों मे समुदाय विशेष के केवल 2 को ही टिकट दिया, तो टिकटो के बंटवारे मे जब इन पार्टियों की सोच का पता चल रहा है, तो एक समुदाय विशेष के विकास मे इनकी क्या सोच रहती है, इसका अंदाजा बखूबी लगाया जा सकता है, तो सभी सम्मानित मतदाताओं से अपील है, कि इन पार्टियों की सोच को दरकिनार करते हुए, ऐसे प्रत्याशियों को चुने जो सभी वर्गो का विकास करने मे सक्षम हो, चाहे वे प्रत्याशी निर्दलीय के रूप मे ही क्यो ना चुनाव लड रहे हो, ऐसे प्रत्याशियों को तो कतई भी ना चुने जिनको उनकी विरासत के आधार पर प्रत्याशी बनाया गया हो, तो सभी अपने आसपास खडे उम्मीदवारों मे अच्छे सकारात्मक सोच रखने वाले निर्दलीय प्रत्याशियों को चुने और दूसरो को भी ऐसे निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनने के लिए प्ररित करे जो दबंग व निडर हो, समाज की आवाज बनकर शासन प्रशासन से समस्याओं का निराकरण करा सके है, यदि प्रत्याशी किसी राजनीतिक पार्टी का होगा और जीत जाता है, वो पार्टी के दबाव मे काम करेगा, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी एक आजाद के रूप मे काम करेगा, समाज के सभी वर्गो के विकास के लिए बिना किसी पार्टी के दबाव के काम करेगा, इसीलिए समाज को एक अच्छे प्रत्याशी को चुनना चाहिये, चाहे वो प्रत्याशी निर्दलीय के रूप मे ही क्यो ना चुनाव लड रहा हो।
Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours