हरिद्वार की गूंज
(रजत चौहान-प्रधान सम्पादक) हरिद्वारहरिद्वार मे स्टेशनरी की दुकानो पर शैक्षिणिक सत्र शुरू होने पर लूटमारी का दोर शुरू हो गया है, सरकार द्वारा NCERT की किताबे लागू करने का निर्देश दिया है, तो उसकी भरपाई करने को स्टेशनरी की दुकानो के मालिको ने कक्षा नर्सरी, के०जी० जूनियर, के०जी० सीनियर के बच्चो की किताबे खरीदने वाले अभिभावकों से लूटमार करने रहे है, और लूटमार करने का तरीका देखिये क्या है, एक बच्चे के कोर्स मे चार पेंसिल बोक्स, दो रबर की डिब्बी, दो पेंसिल की डिब्बी आदि एक कोर्स की साथ दे रहे है, अब आप अंदाजा लगाये, चार डिब्बी, 24 पेंसिल, 24 रबर का बच्चा क्या करेगा छोटा बच्चा होता है, ज्यादा सामान को बेकार ही करता है, तो बताए स्टेशनरी की दुकानो वाले फालतू सामान अभिभावकों को दे कर लूटमारी कर रहे है, अब एक बात का ओर अंदाजा लगाये की प्राईवेट स्कूल जो NCERT की बूक नही लगाते चले आ रहे है, वे स्कूल और स्टेशनरी वाले किताबो की खरीद फरोख्त मे कितनी लूटमारी करते चले आ रहे है, अब सरकार को स्कूलो और स्टेशनरी वालो के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।
(रजत चौहान-प्रधान सम्पादक) हरिद्वारहरिद्वार मे स्टेशनरी की दुकानो पर शैक्षिणिक सत्र शुरू होने पर लूटमारी का दोर शुरू हो गया है, सरकार द्वारा NCERT की किताबे लागू करने का निर्देश दिया है, तो उसकी भरपाई करने को स्टेशनरी की दुकानो के मालिको ने कक्षा नर्सरी, के०जी० जूनियर, के०जी० सीनियर के बच्चो की किताबे खरीदने वाले अभिभावकों से लूटमार करने रहे है, और लूटमार करने का तरीका देखिये क्या है, एक बच्चे के कोर्स मे चार पेंसिल बोक्स, दो रबर की डिब्बी, दो पेंसिल की डिब्बी आदि एक कोर्स की साथ दे रहे है, अब आप अंदाजा लगाये, चार डिब्बी, 24 पेंसिल, 24 रबर का बच्चा क्या करेगा छोटा बच्चा होता है, ज्यादा सामान को बेकार ही करता है, तो बताए स्टेशनरी की दुकानो वाले फालतू सामान अभिभावकों को दे कर लूटमारी कर रहे है, अब एक बात का ओर अंदाजा लगाये की प्राईवेट स्कूल जो NCERT की बूक नही लगाते चले आ रहे है, वे स्कूल और स्टेशनरी वाले किताबो की खरीद फरोख्त मे कितनी लूटमारी करते चले आ रहे है, अब सरकार को स्कूलो और स्टेशनरी वालो के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।



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