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(इमरान देशभक्त) पीरान कलियर/रुड़की। साबिर पाक के 753-वें सालाना उर्स के मौके पर उर्स कार्यक्रम अयोजन कमेटी की ओर से आल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यअतिथि के रूप में अजमेर शरीफ की दरगाह के गद्दी नशीं सैयद नज़र हुसैन चिश्ती ने मुशायरे की शमा रोशन की। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला पंचायत के उपाध्यक्ष राव आफाक खां ने की।उर्स कमेटी की ओर से संयोजक व अंतरराष्ट्रीय शायर अफ़ज़ल मंगलौरी ने शांतिपूर्ण तरीके से मेला आयोजित किये जाने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व मेला अधिकारी अंशुल सिंह, सुपर मेला प्रभारी इंजीनियर सैयद मीसम अली, सीओ रुड़की विवेक कुमार, सीओ कलियर नताशा सिंह, तहसीलदार, कानूनगो एंव लेखपालों को अवार्ड से नवाजा गया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने कहा कि अचानक बारिश व प्रतिकूल मौसम के बावजूद पुलिस व प्रशासन के प्रत्येक कर्मचारियों ने जायरीन की सेवा के लिए दिन रात परिश्रम किया। पुलिस मेला अधिकारी देवराज शर्मा की सेवाओं के लिए भी सम्मान की घोषणा की गई। अजमेर के ख़ादिम ए खास रहे स्वर्गीय पीर गुलाम रसूल चिश्ती की सेवाओं को याद किया गया तथा उनके नाम पर विशेष अवार्ड उनके पुत्र नज़र चिश्ती को भेट किया गया। मुशायरे के संरक्षक ईश्वर लाल शास्त्री, सलमान फरीदी व नईम सिद्दीकी एडवोकेट ने शायरों व अतिथियों का शाल एंव मालाओं से स्वागत किया।बार एसोसिएशन रुड़की के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट प्रवीण तोमर, सचिव राव बिलावर एडवोकेट, उस्मान मुर्तजा पुरकाज़वी, नगर निगम की ब्राण्ड एम्बेसडर अंजुम गौर, सैयद नाफिसुल हसन, राव इनाम अली, चेयरमैन अकबर अली, मेहताब साबरी, नौशाद क़ुरैशी, शायर ताहिर फ़राज़, डॉ. बिलाल सहारनपुरी, डॉ. नदीम शाद, डॉ. वसीम राजपुरी,डॉ. अमज़द अज़ीम, मसरूर दानिश व नईम अख्तर देवबन्दी को दरगाह अजमेर के गद्दी नशीन सैयद नज़र चिश्ती ने विशेष सम्मान से नवाजा।सैयद नाफिसुल हसन की नात पाक से मुशायरे का आग़ाज़ किया गया। रामपुर से पधारे वरिष्ठ शायर ताहिर फ़राज़ ने पढ़ा कि महफिले नाते नबी यूं ही सजाए रखिए..सो न जाए कहीं तकदीर जगाए रखिए...देवबंद के युवा शायर नदीम शाद के कलाम पर श्रोता झूम उठे। उन्होंने फरमाया कि वो क्या रुकेगा भला चार बूंद की खातिर..जो आ रहा हो समन्दर को मारकर ठोकर...डॉ. वसीम राजपुरी के शेर बार-बार सुने गये वसीम ने अर्ज़ किया कि, चापलूसों के बडे कद से बडे हैं हम लोग.. अपनी खुद्दारी के पैरों पे खडे हैं हम लोग... शायर डॉ. बिलाल सहरानपुरी, मसरूर रौनक, नईम देवबन्दी व अमजद अजीम ने श्रोताओं को दाद देने पर मजबूर कर दिया।अफ़ज़ल मंगलौरी ने फरमाया कि,,इन्सानियत का मरकज़ साबिर का आस्ताना.. सदियों से बंट रहा है, यहां प्रेम का खज़ाना। इस अवसर पर शादाब क़ुरैशी, सपा नेता मौसम अली, ज़ैद क़ुरैशी, इंतेखाब अली, मैनेजर दरगाह शफ़ीक़ अहमद, रियाज़ क़ुरैशी, शहजाद सिद्दीकी, आबाद क़ुरैशी, अरशद राणा, सलीम साबरी, अशफ़ाक़ अहमद, अनुज यादव, अध्यक्ष इनाम रसूल साबरी, कमेटी के मीडिया प्रभारी इमरान देशभक्त आदि का विशेष योगदान रहा।
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