हरिद्वार की गूंज (24*7)

(यतेंद्र कुमार) हरिद्वार। कहते हैं कि डूबते को तिनके का सहारा काफी है, कुछ ऐसा ही गुजरात के सूरत के रहने वाले एक युवक के साथ हुआ युवक हरिद्वार घूमने आया था जब वह रानीपुर मोड़ के पास गोविंद घाट पर बैठा हुआ था तभी अचानक बिजली चली गई और घाट पर अंधेरा हो गया तभी अंधेरे में उस युवक का पैर फिसल गया और वह गंगा के तेज बहाव में बहने लगा, हरिद्वार के खन्ना नगर के निवासी भूषण धवन ने युवक को डूबते हुए देखा तो युवक अपना हाथ ऊपर करके मदद कि गुहार लगा रहा था, तो भूषण धवन ने तुरंत बिना वक्त गंवाए अपनी कपड़े उतार कर गंगा में कूदकर उस डूबते हुए युवक को बचा लिया और यही नहीं रात भर उसको अपने घर में रखा। दिन भर उसकी सेवा कर उसे खाना खिलाया और शाम को उसे हरिद्वार रेलवे स्टेशन से गुजरात की  ट्रेन में बिठाकर उसके घर सूरत वापस भेजा। इस मानवीय कार्य के लिए जहां भूषण धवन की लोगतारीफ कर रहे हैं तो वही सूरत गुजरात का युवक अपनी जान बचाने के लिए भूषण धवन का आभार व्यक्त किया और भूषण धवन की पत्नी और उनके घर के सदस्यों ने जिस तरह से उसको परिवार के सदस्य के रूप में अपने घर पर रखा उससे भी गुजरात का यह युवक बेहद गदगद है गुजरात के सूरत का रहने वाला 26 वर्षीय मयूर मांगूकिया एक डायमंड कटिंग कंपनी में कार्य करता है वह हरिद्वार आया था और शाम के समय जब गोविंदघाट में बैठा था तो बिजली गुल हो गई और थोड़ा तूफानी मोसम हो गया, रेलिंग से उसका पैर फिसला और वह गंगा में बहने लगा जब वह अग्रसेन घाट तक पहुंच गया तो पुल के ऊपर से शाम की सैर कर रहे भूषण धवन ने देखा कि कोई मदद के लिए हाथ ऊपर कर रहा है दो-तीन लड़के भी आसपास थे पर भी कुछ नहीं कर पा रहे थे ।उन्होंने तुरंत अपनी कमीज उतारी और गंगा में कूदकर इस युवक को बचा लिया।

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