हरिद्वार की गूंज (24*7)

(गगन शर्मा) हरिद्वार। हाल ही में हरिद्वार के अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर बहुत कमी महसूस की जा रही थी। जिसके चलते रुड़की के एक अस्पताल में कुछ कोरोना रोगियों की मृत्यु भी हो गयी थी। माना कि  प्रशासन द्वारा उसकी जांच बैठा दी गयी है। ऑक्सीजन की समस्याओं को लेकर अस्पतालो और कई रोगियों के परिजनों द्वारा हरिद्वार के प्रशिद्ध समाजसेवी विशाल गर्ग को निरन्तर फोन कॉल्स आ रही थी। जिसमे विशाल गर्ग ने बीएचईएल जाकर देखा कि वहां ऑक्सीजन लेने  के लिये अन्य राज्यो और जनपदों के वाहनों की संख्या ज्यादा है। जिसके कारण एक गाड़ी को ऑक्सीजन देने में 3 से 4 घण्टे लग रहे हैं। इस अव्यवस्थाओं के कारण हरिद्वार के अस्पतालों को ऑक्सीजन मिलने में देरी हो रही थी। जिसके बारे में विशाल गर्ग ने बीएचईएल के ई.डी संजय गुलाटी और जिलाधिकारी हरिद्वार को बताया तो उन्होंने इस समस्या का निवारण करते हुवे बीएचईएल ऑक्सीजन देने वाली संस्था को निर्देश जारी किए कि वो पहले हरिद्वार के अस्पतालों के  वाहनों को पहले ऑक्सीजन दे। इसके अतिरिक्त संजय गुलाटी ने विशाल गर्ग को बताया कि अभी तक ऑक्सीजन के लिये बीएचईएल का एक प्लांट चल रहा था, उन्होंने उसे आधा और बढ़ा दिया है। विशाल गर्ग के इस प्रयास से उम्मीद है कि कम से कम ऑक्सीजन की कमी से अब किसी अन्य रोगी की असमय मृत्यु नही होगी।

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