हरिद्वार की गूंज (24*7)

(गगन शर्मा) हरिद्वार। कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु पुलिस प्रशासन ने इस वर्ष मार्च के महीने से अब तक निरन्तर अपना सराहनीय योगदान दिया है। जबकि इसे विडंबना कहे या अपने देश की अधूरी शिक्षा नीति जिसके चलते यातायात के नियम हो या कोरोना से बचने हेतु सरकार की दिशा निर्देशों का पालन दोनों में ही यदि पुलिस विभाग अपना योगदान न दे तो हमारा समाज किस दिशा की ओर जायेगा। ये एक चिंता का विषय है। हरिद्वार एसएसपी के दिशा निर्देशों का पालन करते हुवे कनखल थाना अंतर्गत जगजीतपुर पुलिस चौकी से ए.एस.आई पंचराम शर्मा और कॉन्स्टेबल जयपाल चौहान ने जियापोता-जमालपुर रोड पर लगभग उन 22 राहगीरों के चालान काटे जिन्हें न तो कोरोना महामारी से अपनी परवाह है न ही अपने परिवार की। जबकि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार बार कह चुके हैं कि "जब तक दवाई नही तब तक ढिलाई नही"। जनता की पुलिस और जिला प्रशासन से मांग है कि जो वाहन2 चालक सवारी ले जाने का कार्य करते हैं और जो दुकानदार खाद्य पदार्थों की बिक्री या बनाने का कार्य करती हैं यदि ऐसे जिम्मेदार लोग मास्क नही पहनते। तो उनसे ज्यादा सख्ती से पेश आने की जरूरत है। इनमें से कुछ गैर जिम्मेदार लोगों की समस्या उनका धूम्रपान करना, गुटका खाकर यहां वहाँ थूकना है। जिसके कारण उन्हें मास्क लगाना असुविधा लगता है। ए.एस.आई पंचराम शर्मा ने राहगीरों को जागरूक करते हुवे बताया कि ये सोचकर मास्क न लगाना कि मैं तो स्वस्थ्य हूँ मैं मास्क क्यो लगाऊ? उन्होंने उदाहरण देते हुवे बताया कि कल्पना करो कोई संक्रमित व्यक्ति आपके एक गज की दूरी से खांस देता है या छींक देता है उसके कुछ छींटे आपके मुंह पर सांस द्वारा अंदर चले गए। तो ऐसे में आपको संक्रमित होने से आपका मास्क ही आपको बचायेगा। इसलिए कोरोना की रोकथाम के लिये दो गज की दूरी और मास्क आपको और आपके परिवार में रक्षक बनकर काम आयेगा।

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