हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। शादी ब्याह तथा त्योहारी सीजन के कारण दुगनी हो गई है, संक्रमण की रफतार देश-दुनिया में कोरोना संक्रमण के बढते मरीजों की संख्या इस बात की ओर ईशारा है कि लोगों ने संक्रमण के कहर को जरूरत से ज्यादा नजर अंदाज करना शुरू कर दिया है। जबकि संकम्रण के बढते मरीज तथा तेज होती इसकी रफतार इससे अधिक सचेत होने की चेतावनी है। देश की स्वास्थ्य संस्थाऐ बार बार यह सूचना प्रचारित-प्रसारित कर रही है कि अभी कोरोना के प्रभाव मे किसी भी प्रकार की कमी नही आई है लेकिन लोगों के व्यवहार तथा सुरक्षा साधनों के प्रयोग में लापरवाही का आलम यह है कि लोगों ने सामाजिक दूरी के साथ सैनेटाईजिंग तथा माॅस्क पहनना भी बंद कर दिया है। गुरूकुल कांगडी समविश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं व्यवहार वैज्ञानिक डाॅ० शिवकुमार चौहान का कहना है कि लोगों की यह लापरवाही किसी नई चुनौति की ओर इशारा कर रही है। लोगों का आहवान करते हुए उन्होने सुझाव दिया है कि जब तक किसी भी प्रकार की वैक्सीन अथवा दवाई इसकी रोकथाम के लिए नही आती है तब तक लोगों को सुरक्षा साधनों के प्रति बेपरवाह नही होना चाहिए। यह केवल मात्र किसी एक व्यक्ति के लिए खतरा नही है अपितु पूरे जन-समूह के लिए खतरनाक सिद्व हो सकता है। यह लापरवाही देश तथा प्रदेश के आर्थिक, व्यवसायिक एवं सामाजिक दृष्टिकोण से हितकारी नही है। जिसकी कीमत कई निर्दोष लोगो जिसमे विशेषकर बुर्जुग एवं बच्चे इससे अधिक प्रभावित होगे। सुरक्षा के उपायों के तहत कही फिर से सरकार को लाॅकडाउन जैसे सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर न होना पडे। इस कोरोना के कारण लाॅकडाउन की स्थिति से मानवता की सुख-समृद्वि को काॅॅफी नुकसान हुआ है जिसकी पूर्ति करने मे कई वर्ष का समय लगेगा।



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