हरिद्वार की गूंज (24*7)

(गगन शर्मा) हरिद्वार। हरिद्वार के ब्लॉक बहादराबाद में बी.डी.सी की मीटिंग का आयोजन किया गया। इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य ग्राम प्रधानों द्वारा और क्षेत्र पंचायत सदस्य के द्वारा अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रख कर समस्या के निवारण करना होता है। लेकिन मीटिंग में ग्राम प्रधानों के समक्ष जिन मुख्य बिंदुओं पर बात करनी होती है उन विभागों के अधिकारी मीटिंग में नहीं पहुंचे। जिससे ग्राम प्रधानों और क्षेत्रीय पंचायत सदस्य में निराशा मायूसी थी क्योंकि मीटिंग का मेन उद्देश्य ग्राम प्रधानों के समक्ष जो समस्याएं ग्रामीण क्षेत्रों में आती है उनके निवारण के लिए इस मीटिंग का आयोजन किया जाता है लेकिन अधिकारी मौके पर ना पहुंचने के कारण आज ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यो में मायूसी और आक्रोश भी था। क्योकि वहाँ आये सदस्य अपनी समस्या किस अधिकारी के समक्ष रखें यह यक्ष प्रश्न बन गया। सदस्यों का कहना था जब मीटिंग में अधिकारी नहीं पहुंचे और मीटिंग का कॉलम भी पूरा नहीं हुवा तो इस मीटिंग को स्थगित कर देना चाहिए था। मीटिंग में विद्युत विभाग के अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, सिंचाई विभाग के अधिकारी,

 कृषि विभाग के अधिकारी, राजस्व विभाग से कोई अधिकारी, नलकूप विभाग और जल संस्थान  से कोई अधिकारी नही पहुंचा। ग्रामीणों का क्षेत्र पंचायत सदस्यों पर आरोप है कि ब्लॉक प्रमुख द्वारा इनके जनहित कार्यो के लिये बजट उपलब्ध न कराने के कारण ये बीडीसी सदस्य अपने अपने क्षेत्र मे जनहित के कार्य नही करा पाये। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर समस्या किसान को लेकर, जल संस्थान को लेकर, विद्युत विभाग को लेकर, समाज कल्याण अधिकारी से सम्बंधित होती हैं। पिछले वर्ष जो ओलावृष्टि हुई थी उसमें किसानों को फसल क्षति का जो मुआवजा था मिलना था  वो कुछ किसानों को मिला है और कुछ किसानों को नहीं। माननीय प्रधानमंत्री द्वारा जो जल मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार की योजनाएं चल रही है उस विषय पर चर्चा होनी थे अधिकारी ना पहुंचने के कारण वह भी नहीं हो सकी है। विद्युत विभाग के अधिकारी न पहुंचने पर ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर को लेकर, किसानों के बिल को लेकर, या ग्रामीण जनता के बिल को लेकर चर्चा होनी थी वह भी नही हो पाई।

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