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(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। विश्व जनसंख्या दिवस पर विशेष मानव अधिकार संरक्षण समिति की कनखल नगर अध्यक्षा रेखा नेगी ने विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर बताया कि 11 जुलाई को सालाना पूरे विश्व में विश्व जनसंख्या दिवस के रुप में एक महान कार्यक्रम मनाया जाता है। पूरे विश्व में जनसंख्या मुद्दे की ओर लोगों की जागरुकता को बढ़ाने के लिये इसे मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की संचालक परिषद के द्वारा वर्ष 1989 में इसकी पहली बार शुरुआत हुई। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को बढ़ती जनसंख्या के प्रति सचेत करने का है। अगर जनसंख्या लगातार इसी तरह बढ़ते रही तो दुनिया में बहुत बड़ा संकट आ सकता है, रेखा नेगी ने बताया कि इस वर्ष विशेष रूप से कोरोना महामारी के समय में दुनियाभर में महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य और अधिकारों की सुरक्षा पर आधारित है। 
काम पर जाने वाली महिलाएं अक्सर असुरक्षित माहौल में काम करती हैं। श्रम बाजार में भी प्रायः महिलाओं की सुरक्षा के उपायों को खास तवज्जो नहीं दी जाती। यहां तक कि कोरोना महामारी के दौरान भी महिलाएं इसके आर्थिक प्रभावों से बहुत प्रभावित हुई हैं, दुनियाभर में लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं अपने श्रम के माध्यम से अनौपचारिक रूप से अर्थव्यवस्था में योगदान देती हैं, ऐसे में उन पर पड़े आर्थिक प्रभाव की वजह से गरीबी के और बढ़ने का अधिक खतरा है। उन्होने बताया कि इस दिन को मनाने की सार्थकता तभी है जब विश्व का प्रत्येक व्यक्ति बढ़ती जनसंख्या की ओर ध्यान दे और जनसंख्या को रोकने की दिशा मे अपनी भूमिका निभाए। बढ़ती जनसंख्या विश्व के कई देशों के सामने बड़ी समस्या का रूप ले चुकी है। खासकर विकासशील देशों में जनसंख्या विस्फोट एक गंभीर चिंता का विषय है। इस दिन लोगों को परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, मानवाधिकार और मातृत्व स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करना जरूरी है।
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