हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। लक्सर हरिद्वार मार्ग को लेकर दो दिन पहले हरिद्वार की गूंज समाचार पत्र के पत्रकार जिला ग्रामीण प्रभारी द्वारा खबर प्रकाशित की थी। जिसमें दर्शाया गया था कि हरिद्वार रुड़की मार्ग का इतना बुरा हाल है कि राहगीरों को यही भी पता नहीं लग पाता कि गड्ढों में सड़क है या सड़कों में गड्ढे हैं। यह लक्सर से रुड़की तक सारा टूटा हुआ पड़ा है पहले भी रुड़की लक्सर मार्ग पर इन गड्ढों के कारण कई लोग अपनी जान गवा चुके हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंखों पर काली पट्टी बांधकर बैठे हैं। ऐसा लगता है जैसे कि इन्हें आमजन से कोई सरोकार ही नहीं रह गया हो, शायद क्षेत्र में संबंधित विभाग के अधिकारी ओर किसी बड़ी घटना की फिराक में है। जब यह खबर प्रकाशित की गई तो अधिकारियों की नींद टूटी और लीला पोती कर सड़क के किनारों से ही जेसीबी मशीन लगाकर विभाग द्वारा मिट्टी और पत्थर से सड़कों में गड्ढों की भराई की गई। वही क्षेत्र में हल्की सी बूंदाबांदी ने विभाग की पोल खोल कर रख दी है सडक के हालात इतने खराब हो गए हैं कि गड्ढों में पानी भर गया है लोगों का सड़कों से निकलना भी दुश्वार हो रहा है। जिसके चलते क्षेत्र के राहगीरों में संबंधित विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। राहगीरों का कहना है कि संबंधित विभाग कुंभकरणीय नींद सो रहा है देखना यह होगा कि कब तक राहगीरों को इस टूटे हुए मार्ग से राहत मिल पाएगी या यूं ही राहगीरों की जाने जाती रहेगी और संबंधित विभाग सोता रहेगा यह तो आने वाले भविष्य के गर्भ में ही छिपा है।



Post A Comment:
0 comments so far,add yours