हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। वर्तमान समय को किस तरीके से बहुमूल्य बनाया जाए इसके अथक प्रयासों से समन्वय वाणी फाउंडेशन के तत्वाधान में अथाई साहित्यकार ग्रुप के माध्यम से काव्य पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें है देश के विभिन्न राज्यों से कवियों ने अपने कविता का वाचन किया तो किसी ने दोहा और भजनों का मधुर आवाज के माध्यम से सभी का मन मोह ले लिया और मुख्य रूप से इस आयोजन का आकर्षण केंद्र युवाओं का जोश देखने को ही मिला, वही कि कोरोना वायरस संक्रमित की समस्या से किस तरीके से जूझ रहा है, संपूर्ण देश उसके अंदर संपूर्ण देश के पवित्र स्थान मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर आदि बंद है, तो भी अपने अंदर बैठे हुए परमात्मा को याद कराने का साहस प्रोफेसर अनेकांत जी ने सभी के समक्ष प्रस्तुत किया अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर अनेकांत जी ने कहा कि काव्य पाठ करना बहुत ही कठिन कार्य है, और कठिन कार्य के साथ ही उस काव्य का अपने अंदर अभिभूत करना उससे भी बड़ी बात है, इसी तरीके से अन्य बुद्धिजीवी वर्गों ने भी अपनी अपनी बातें रखी साथ में समन्वय वाणी फाउंडेशन के मुख्य संपादक अखिल बंसल जी के माध्यम से सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया और उन्हीं के नेतृत्व में इस संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन कुशल मंगल रहा कार्यक्रम का संचालक श्रीमती रश्मि सक्सैना जी के माध्यम से किया गया और फाउंडेशन की ओर से आश्वासन प्राप्त हुआ है ,कि शीघ्र ही इस लोक डॉन पीरियड को सफल और सुलभ बनाने के लिए नए-नए अंजाम और आयोजन टेक्नोलॉजी के माध्यम से किए जाएंगे साथ ही अपेक्षा की गई है, की संगठन से और भी अन्य लोग जुड़े और अपनी अपनी कला का प्रदर्शन संपूर्ण भारत के अंदर प्रदर्शित करें।



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