हरिद्वार की गूंज (24*7)

(रजत चौहान) हरिद्वार। नि:स्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सेवा करना ईश्वर की सच्ची सेवा होती है। चाहे वह किसी भी जाति धर्म, वर्ग या समुदाय से हो, क्योंकि मानवता जाति, धर्म की सीमाओं से बंधी नहीं होती है। यह उच्च विचार स्वामी दयाधिपानन्द महाराज ने जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री वितरित करते हुए साझा किये हैं। उन्होंने कहा कि केवल मानवता की सेवा करना ही रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम का लक्ष्य है। इसी लक्ष्य के आधार पर रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम से जुड़े सभी संत दिन रात जरूरतमंदों की सेवा कर अपना धर्म निभा रहे हैं। 
इसी क्रम में आज भी फेरुपुर ग्राम की बंगला बस्ती में 105 और हरिद्वार की नीलधारा बस्ती में 95 परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित कि गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के इस संकट काल में सबसे ज्यादा कठिनाई गरीब और रोजमर्रा कमाने वालों के सामने आई है। और लॉक डाउन में रोजी रोटी के संकट से भी जूझ रहे हैं। जिसको देखते हुये रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम द्वारा लगातार जरूरतमंदों को चिन्हित कर उन्हें खाद्य सामग्री के रूप में 5 किलो चावल, 5 किलो आटा, 2 किलो चना दाल, 5 किलो टमाटर, 1 किलो तेल, मिर्च व मास्क के साथ-साथ लोगो को कोरोना सम्बंधित पम्पलेट बाटें गए। 
महाराज जी ने बताया कि राशन वितरण में सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ख्याल रहा है। साथ ही लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का महत्व भी समझाया जा रहा है। और सामाजिक दूरी के साथ-साथ लॉक डाउन पालन करने के लिए लोगों को जागरुक भी किया गया है। और समझाया गया कि अपने घरों से बाहर ना निकले और बाहर के लोगों को अपने पास ना आने दे। उन्होंने बताया कि यह पुण्य कार्य प्रशासन की देखरेख में किया जा रहा है और रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम द्वारा लॉक डाउन की अवधि या सरकार द्वारा इसको बढ़ाए जाने तक लगातार राशन वितरण का कार्य जारी रहेगा। इस अवसर पर स्वामी अनाद्यानंद, स्वामी महाकालानंदा, ब्रह्मचारी सचिन, रूपक, अमरजीत, किशन, जनार्धन, गोकुल व सुनील मुखर्जी आदि उपस्थित रहें।
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