हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। कोरोना से उपजे संकट काल में रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम जन सेवा की मिसाल बन चुका है लगातार लॉक डाउन में जरूरतमंदों की मदद की जा रही है। क्योंकि अलग अलग क्षेत्रों में जरूरतमंदों को चिन्हित कर उन्हें खाद्य सामग्री वितरित की जा रही है। संकट की घड़ी में वैश्विक महामारी से गरीब वर्ग सर्वाधिक प्रभावित है। जिनकी मदद के लिए रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम के साधु संत दिन-रात सेवा में कार्यरत है। वही रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम में आज जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री वितरित की गई है। खाद्य सामग्री वितरण में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक बड़ा अखाड़ा के साधु संत और नोडल अधिकारी नरेंद्र यादव मौजूद रहे। वही मंत्री मदन कौशिक ने कहां कि लॉक डाउन में जरूरतमंदों की सेवा का जो जज्बा रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम के साधु-संतों ने दिखाया है, उससे सभी को प्रेरणा मिल रही है।
प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को खाद्य सामग्री प्रदान कर रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम के साधु-संत महाराज देश के लिए बड़ा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस महामारी के संकट में प्रदेश में तमाम धार्मिक व सामाजिक संस्थाएं सहयोग के लिए आगे आई हैं। इस बीच रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम ने जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए जो मदद जारी की है। वह पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी मिसाल बन गई है। जो बहुत ही सराहनीय है। बड़ा अखाड़े के महंत रघुमुनि महाराज ने कहा कि रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम वैश्विक आपदा के समय में जो अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं वह बहुत ही सराहनीय हैं।रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम के सेक्रेटरी स्वामी नित्यसुद्धानंद महाराज के बताया कि जब से लॉक डाउन शुरू हुआ है तभी से जरूरतमंदों की सेवा भाव के उद्देश्य से खाद्य सामग्री वितरित की जा रही है। और लॉक डाउन की अंतिम अवधि तक यह कार्य जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि देश ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व में रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम जरूरतमंदों की सेवा में लगा है। क्योंकि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने सभी देशों में अपना कहर बरसा रखा है और सभी विश्व केे देशों में रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम लगातार जरूरतमंदों की सेवा कर रहा है। वही स्वामी दयाधिपानन्द ने बताया कि रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम द्वारा सैकड़ों जरूरतमंदों में जरूरत की खाद्य सामग्री के बैग वितरित किये जा रहे है। जिसमें पांच किलो चावल, पांच किलो आटा, आलू, सोयाबीन, तेल, नमक, मिर्च, हल्दी, धनिया, चने की दाल और साबुन है। यह खाद्य सामग्री लगभग 10 से 15 दिन तक चलेगी। साथ ही साथ मास्क और पम्पलेट लोगों जागरूक करने के लिए वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम नर सेवा को नारायण सेवा के रूप में मानते हैं। इसी उद्देश्य से आश्रम के सभी साधु संत ओर कर्मचारी दिन रात लगे हैं। और यह सेवा का कार्य लॉक डाउन की अवधि तक लगातार जारी रहेगा। इस अवसर पर महंत दामोदर दास महाराज कोठारी बड़ा अखाड़ा, नोडल अधिकारी नरेंद्र यादव, स्वामी अनाद्यानंद, स्वामी महाकालानंदा, ब्रह्मचारी सचिन, रूपक, अमरजीत, किशन, जनार्धन, गोकुल, सुनील मुखर्जी, भूपेंद्र कुमार व आश्रम के सन्यासी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित रहें।





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