हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। धर्मनगरी में रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम गरीब, जरूरतमंद लोगों की सेवा भाव में एक मिसाल बन चुका है, लॉक डाउन की मार झेल रहे लोगों के लिए रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम ईश्वरीय दूत से कम नहीं है। जो लगातार परेशानी से जूझ रहे लोगों के बीच में जाकर राशन वितरित कर रहे हैं। रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम के साधु-संत नर सेवा नारायण सेवा में अपना विश्वास रखते हैं। अपनेे कर्तव्य को भलीभांति निभाते हुए, साधु-संत दिन रात कड़ी मेहनत कर जरूरतमंदों की जरूरतों को गंभीरता के साथ निभा रहे हैं। प्रतिदिन सैकड़ों जरूरतमंदों को राशन वितरित करना अपने आप में एक बडी मिसाल भी है। वही आज हरिद्वार धर्मनगरी में होटल और धर्मशालाओं में फसें यात्रियों को लगभग 200 राशन के बैग वितरित किए गए। जिसमे ए०डी०एम के०के मिश्र, पर्यटक अधिकारी सीमा नौटियाल व नोडल अधिकारी नरेन्द्र यादव उपस्थित रहें। साथ ही साथ साधु-संतो ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए पंपलेट और लाउडस्पीकर के माध्यम से यात्रियों को जागरूक भी किया। 
वही स्वामी दयाधिपानन्द महाराज ने बताया कि नर सेवा नारायण सेवा होती है और संसार में इससे बड़ी दूसरी सेवा नहीं है। नि:स्वार्थ भाव से की गई सच्ची सेवा, मन में शांति का संचार उत्पाद करती है। और ईश्वर की प्राप्ति का रास्ता भी नर सेवा नारायण सेवा ही है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम के साधु-संत नि:स्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सेवा में लगे हैं। उन्होंनेे बताया आज लॉक डाउन में फसे यात्रियों को खाद्य सामग्री वितरित की गई हैै। जिससे उनके सामने भोजन की समस्या उत्पन्न ना हो। उन्होंने बताया कि यह यात्री अलग-अलग होटल और धर्मशालाओ में रुके हुए हैं जिनको आज लगभग 10 दिन का सूखा राशन वितरित किया गया है। वही राशन वितरण में पहुंचे ए०डी०एम के०के मिश्र नेे बताया कि लॉक डाउन में रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम लगातार जरूरतमंदों की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है जो बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने बताया कि आज रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम द्वारा यात्रियों को खाद्य सामग्री वितरित की गई। यह यात्री अचानक लॉक डाउन होने से होटल और धर्मशालाओ में ठहरे हुए हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रशासन लगातार जरूरतमंदों तक भोजन, खाद्य सामग्री पहुंचाने का कार्य कर रहा है और विशेषकर कोशिश की जा रही है कि किसी व्यक्ति को लॉकडाउन के दौरान भोजन की समस्या उत्पन्न न हो। इस अवसर पर स्वामी अनाद्यानंद, स्वामी महाकालानंदा, ब्रह्मचारी सचिन, रूपक, अमरजीत, किशन, जनार्धन, गोकुल, सुनील मुखर्जी व आश्रम के सन्यासी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित रहें।

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