हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय एवं गायत्री विद्यापीठ में 71वाँ गणतंत्र दिवस उल्लासपूर्वक मनाया गया। शांतिकुंज परिसर में गायत्री परिवार प्रमुखद्वय डॉ प्रणव पण्ड्या एवं शैलदीदी ने तिरंगे का पूजन किया तो वहीं देसंविवि में कुलाधिपति ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर अपने संदेश में कुलाधिपति डॉ. पण्ड्या ने कहा कि गणतंत्र दिवस गौरव बोध का महापर्व है। यह स्वाभिमान जगाने का पर्व भी है। उन्होंने कहा कि सबसे सशक्त गण तंत्र वाला देश भारत है। विषम परिस्थितियों के बीच यह महापर्व हम सभी के लिए एक विशेष संदेश लेकर आया है। कुलाधिपति ने कहा कि देश की गौरव गरिमा को अक्षुण्य बनाये रखने लिए अपना समय, प्रतिभा लगाने हेतु सभी को तैयार रहना चाहिए। राष्ट्रोत्थान में गीता का संदेश देते हुए कहा कि आज अपने भीतर को जगाने की जरूरत है। भीतर जागेगा तभी मनुष्य जागेगा और राष्ट्र का उत्थान होगा। संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने भारत की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं को आगे बढ़कर ईमानदारी के साथ राष्ट्रोत्थान के कार्यों में जुटने का आवाहन किया। इससे पूर्व गायत्री विद्यापीठ के नन्हीं-नन्हीं बच्चियों ने सरस्वती वंदना पर मनमोहक नृत्य कर उपस्थित जनसमुदाय को देशप्रेम के लिए उल्लसित किया, तो वहीं विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद कर उनके बलिदान को नमन किया। देसंविवि के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीयता के भाव को जागृत करने वाले विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इस दौरान देशभक्ति गीतों के माध्यम से वैचारिक क्रांति का सुन्दर संदेश दिये गये। इस अवसर पर गायत्री विद्यापीठ एवं देसंविवि के स्काउट-गाइड के बच्चों ने मुख्य अतिथि को गार्ड आफ ऑनर दिया।



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