हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। संतों का जीवन सदैव समाज कल्याण के लिए समर्पित होता है राष्ट्रीय की एकता अखंडता बनाए रखने में संतों की अहम भूमिका रहती है, भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के प्रचार प्रसार में संतों ने सदैव अग्रणी भूमिका निभाकर समाज को नई दिशा प्रदान की है उक्त उद्वार उत्तरकाशी के महंत गरीबदासी जी स्वामी बलदेवानंद महाराज ने भूपतवाला में आयोजित होने वाले महा यज्ञ की जानकारी देते हुए कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों से देश में नई उर्जा का संचालन होता है और यज्ञ के माध्यम से व्यक्ति के मन और अंत: करण की शुद्धि होती है। उन्होंने कहा कि यज्ञ से निकलने वाला धुआं जहां-जहां आवरण बनाता है वहां का संपूर्ण वातावरण भक्तिमय व शुद्ध हो जाता है, युवा भारत साधु समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि महाऋषि याज्ञवल्क्य संस्कृति विद्या प्रतिष्ठान के तत्वधान में आयोजित इस महायज्ञ में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज भी सम्मिलित होंगे, उन्होंने कहा कि संत सदैव ही अपने भक्तों को ज्ञान की प्रेरणा देकर उनके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं संतों का सानिध्य में होने वाले महासोम यज्ञ निश्चित ही संसार के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा, महामंत्री शनिदेव शास्त्री महाराज ने कहा कि विश्व शांति व प्रदेश की खुशहाली के लिए पांच फरवरी से महासोम यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरुष उपस्थित रहेंगे, उन्होंने कहां की भारतीय धर्म शास्त्रों में यज्ञ से होने वाले लाभों का विस्तार से वर्णन मिलता है यज्ञ में शामिल होने वाले भक्तों को सहस्त्र गुणा पुण्य फल की प्राप्ति होती है, गंगा घाट पर संतों का सानिध्य में महासोम यज्ञ में शामिल होने वाले का अवसर सौभाग्यशाली व्यक्ति को प्राप्त होता है, इस अवसर पर प्रवीण योगी, स्वामी ऋषिश्वरानन्द, नरेश कुमार, महंत दुर्गादास, संत जगजीत सिंह, स्वामी ज्ञानानंद, महंत सूरजदास, महंत सुमित दास, स्वामी दिनेश दास, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी केशवानंद, स्वामी नित्यानंद आदि संत जन उपस्थित थे।



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