हरिद्वार की गूंज (24*7)
(अब्दुल सत्तार) हरिद्वार। दिनाँक 07/04/2018 को हर्ष तिवारी पुत्र निधिश तिवारी मैनेजर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया लालढाग श्यामपुर हरिद्वार द्वारा थाना श्यामपुर पर अभियुक्त विभोर चंद पुत्र केशव चंद निवासी -29 टाईप-4 सेक्टर-1 बी०एच० ई०एल० रानीपुर हरिद्वार के विरूद्ध मु०अ०सं०- 57/2018 धारा 13 (1) डी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व 409 भादवि का अभियोग पंजीकृत कराया गया था कि लालढांग गांव मे स्थित स्टेट बैक ऑफ इंडिया की शाखा मे भी विभोर चंद ग्राहक सहायक के पद पर वर्ष-2009 से 2018 तक कार्यरत थे, इस दौरान उपरोक्त बैक कर्मी द्वारा बैक कार्य मे फर्जीवाड़ा करते हुए, ग्राहकों के एफडीआर खाते की धनराशि को गलत तरीके से निकाल लिया गया, अभियोग पंजीकृत होने के उपरांत विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी नगर व तदोपरान्त विवेचना अभय प्रताप सिंह क्षेत्राधिकारी नगर हरिद्वार द्वारा सम्पादित की जा रही है, इस अभियोग मे सम्बन्धित अभियुक्त द्वारा माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल से आदेश प्राप्त किया गया है, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आदेश दिया गया था कि जब अभियुक्त के विरुद्ध साक्ष्य उपलब्ध होगे तब न्यायालय मे आत्मसमर्पण करेगा विवेचना के दौरान अभियुक्त के विरुद्ध यह साक्ष्य उपलब्ध हुये, कि अभियुक्त विभोर चंद्र द्वारा स्टेट बैक शाखा लालढांग हरिद्वार मे ग्राहक सहायक के पद पर रहते हुए ग्राहकों के खाते खुलवाकर उनकी एफ०डी०आर व सेविंग एकाउंट आदी से रुपये की निकाली करके अपने परिजनों एवं मित्रो के बैक खातो मे स्थानांतरित कर स्वयं ही फर्जी हस्ताक्षरों से धनराशि की निकासी कर स्वयं ही लाखो का संचालन भी किया जाना था इस प्रकार के कृत्य से अभियुक्त विभोर चंद्र द्वारा लगभग डेढ करोड़ रुपये की धनराशि का गबन किया जाना पाया गया तथा उसे सौपी गयी, एवं उसके नियन्त्रण धीन ग्राहकों की सम्पत्ति का अपने उपयोग के लिए बेईमानी एवं कपटपूर्वक रूप से दुर्वियोग एवं सम्पवर्तित कर लेखा का मिथ्याकरण किया गया इस प्रकार अभियुक्त विभोर चंद्र के विरुद्ध धारा 13 (1) डी भ्रष्टाचार अधिनियम व 429/47 क भादवि की साक्ष्य पाये गये विवेचना से लगभग डेढ करोड़ रूपये गबन किये जाने के तथ्य प्रकाश मे आये और इस आधार पर अभियुक्त को आत्मसमर्पण करने हेतु कहा गया जिस पर अभियुक्त द्वारा आज माननीय न्यायालय special judge viglence/ASI देहरादून स्पेशल सीबीआई कोर्ट देहरादून मे आत्मसमर्पण किया गया, जिसे न्यायिक अभिरक्षा मे जेल भेजा गया विवेचना से यह साक्ष्य पाये जाने पर कि अभियुक्त गैरी टंडन पुत्र महेन्द्र कुमार नि०-जे-191 शिवालिक नगर थाना रानीपुर हरिद्वार जो अभियुक्त विभोर चंद्र का बचपन का दोस्त है, इसके द्वारा अपना खाता बी०एच०ई०एल हरिद्वार से लालढांग स्थानांतरित कराया गया तथा अभियुक्त विभोर चंद्र के साथ मिलकर दूसरो के खातो से लाखो की धनराशि अपने खाते मे स्थानांतरण करवाये गये, इस साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त गैरी टंडन को धारा 120 बी भादवि व सपठित धारा 13 (1) डी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व 429/47 क भादवि के अंतर्गत दिनाँक 01/12/2019 को गिरफ्तार किया गया, तथा आज उक्त को माननीय न्यायालय मे पेश किया गया, इस अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा मे जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम:
अभय प्रताप सिंह क्षेत्राधिकारी नगर हरिद्वार, राकेश खंडूरी उपनिरीक्षक कोतवाली हरिद्वार, उपनिरीक्षक पी०एस० रावत कार्यालय क्षेत्राधिकारी नगर शामिल रहे।



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