हरिद्वार की गूंज (24*7)
(अब्दुल सत्तार) हरिद्वार। केंद्र सरकार ने भारत की नागरिकता के लिए आधार कार्ड के रूप में एक पहचान पत्र अनिवार्य किया, जिसमें 12 अंको की एक विशिष्ट संख्या छपी होती है, जिसे भारतीय पहचान प्राधिकरण (भा.वि.प.प्रा) जारी होती है यह संख्या भारत में कहीं भी व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण होता है, जिसे आधार कार्ड केंद्रो से व्यक्ति अपने दस्तावेज देकर बनवा सकता है लेकिन आधार कार्ड केंद्रो की लापरवाही के कारण जनता को कई कई बार अपने नाम, पते आधार कार्ड में सही कराने पढ़ रहे हैं सही तरीके से दस्तावेजों से नाम पते ना लिखना आधार कार्ड केंद्रों की बड़ी घोर लापरवाही है जिसका खामियाजा जनता को बार-बार आधार केंद्रो के चक्कर लगाकर चुकाना पड़ रहा है इसी क्रम में आधार कार्ड केंद्र की एक और घोर लापरवाही सामने आई है मामला शिवलोक कॉलोनी का है जहां डाक द्वारा राष्ट्रीय हिन्दी सा० समाचार पत्र हरिद्वार की गूंंज, HKG NEWS पोर्टल के प्रधान संपादक रजत चौहान के घर एक आधार कार्ड आया है आधार कार्ड बच्चे का है जिस पर बच्चे का नाम और पिता का नाम लिखा है लेकिन जो पता आधार कार्ड पर है वह प्रधान संपादक रजत चौहान का है आधार कार्ड पर अपना घर का पता देख हक्के-बक्के रह गए, की मेरे घर के पते पर किसी बच्चे का आधार कार्ड जारी कर दिया गया, ऐसा कैसे हो सकता है, जिनका बच्चे से कोई भी घरेलू संबंध नहीं है अक्सर इस तरह के अनेकों मामले आधार कार्ड केंद्रों से जुड़े सामने आ चुके है लेकिन कोई भी आलाधिकारी इस और गंभीर नहीं है, प्रशासन को चाहिए की इस तरह की लापरवाही करने वाले आधार कार्ड केंद्रों के संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि वह दस्तावेजों से सही नाम पते आधार कार्ड बनाते समय लिखें।



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