हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। प्रसार प्रशिक्षण केंद्र में चल रहे नेहरू युवा केन्द्र संगठन हरिद्वार के तत्वाधान से आयोजित की जा रही कार्यशाला जिसमे उत्तराखंड के 4 जिलों हरिद्वार, पौड़ी, रुद्रप्रयाग एवम चमोली के 74 युवा प्रतिभाग कर रहे है। इस 15 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग के आज दसवें दिन स्वमसेवको को बीइंग भगीरथ के संस्थापक शिखर पालीवाल ने सोशल मीडिया के फायदे एवं नुकसान"  व द्वितीय सत्र में " जल सरंक्षण"  पर चर्चा करते हुए शिखर पालीवाल ने बताया कि आज के दौर में सोशल मीडिया जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है जिसके बहुत सारे फीचर हैं, जैसे कि सूचनाएं प्रदान करना, मनोरंजन करना और शिक्षित करना मुख्य रूप से शामिल हैं। सोशल मीडिया क्या है सोशल मीडिया एक अपरंपरागत मीडिया (nontraditional media) है। यह एक वर्चुअल वर्ल्ड बनाता है जिसे इंटरनेट के माध्यम से पहुंच बना सकते हैं। सोशल मीडिया एक विशाल नेटवर्क है, जो कि सारे संसार को जोड़े रखता है। यह संचार का एक बहुत अच्छा माध्यम है। यह द्रुत गति से सूचनाओं के आदान-प्रदान करने, जिसमें हर क्षेत्र की खबरें होती हैं, को समाहित किए होता है। सोशल मीडिया  (Social Media) सकारात्मक भूमिका अदा करता है जिससे किसी भी व्यक्ति, संस्था, समूह और देश आदि को आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से समृद्ध बनाया जा सकता है। सोशल मीडिया के जरिए ऐसे कई विकासात्मक कार्य हुए हैं जिनसे कि लोकतंत्र को समृद्ध बनाने का काम हुआ है जिससे किसी भी देश की एकता, अखंडता, पंथनिरपेक्षता, समाजवादी गुणों में अभिवृद्धि हुई है।हम ऐसे कई उदाहरण देखते हैं, जो कि उपरोक्त बातों को पुष्ट करते हैं जिनमें 'INDIA AGAINST CORRUPTION' को देख सकते हैं, जो कि भ्रष्टाचार के खिलाफ महाअभियान था जिसे सड़कों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी लड़ा गया जिसके कारण विशाल जनसमूह अन्ना हजारे के आंदोलन से जुड़ा और उसे प्रभावशाली बनाया। 2014 के आम चुनाव के दौरान राजनीतिक पार्टियों ने जमकर सोशल मीडिया का उपयोग कर आमजन को चुनाव के जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। इस आम चुनाव में सोशल मीडिया के उपयोग से वोटिंग प्रतिशत बढ़ा, साथ ही साथ युवाओं में चुनाव के प्रति जागरूकता बढ़ी। सोशल मीडिया के माध्यम से ही 'निर्भया' को न्याय दिलाने के लिए विशाल संख्या में युवा सड़कों पर आ गए जिससे सरकार दबाव में आकर एक नया एवं ज्यादा प्रभावशाली कानून बनाने पर मजबूर हो गई। लोकप्रियता के प्रसार में सोशल मीडिया एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है, जहां व्यक्ति स्वयं को अथवा अपने किसी उत्पाद को ज्यादा लोकप्रिय बना सकता है। आज फिल्मों के ट्रेलर, टीवी प्रोग्राम का प्रसारण भी सोशल मीडिया के माध्यम से किया जा रहा है। वीडियो तथा ऑडियो चैट भी सोशल मीडिया के माध्यम से सुगम हो पाई है जिनमें फेसबुक, व्हॉट्सऐप, इंस्टाग्राम कुछ प्रमुख प्लेटफॉर्म हैं। सोशल मीडिया जहां सकारात्मक भूमिका अदा करता है वहीं कुछ लोग इसका गलत उपयोग भी करते हैं। सोशल मीडिया का गलत तरीके से उपयोग कर ऐसे लोग दुर्भावनाएं फैलाकर लोगों को बांटने की कोशिश करते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक और नकारात्मक जानकारी साझा की जाती है जिससे कि जनमानस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कई बार तो बात इतनी बढ़ जाती है कि सरकार सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल करने पर सख्त हो जाती है और हमने देखा है कि सरकार को जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध तक लगाना पड़ता है। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में हुए किसान आंदोलन में भी सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया गया ताकि असामाजिक तत्व किसान आंदोलन की आड़ में किसी बड़ी घटना को अंजाम न दे पाएं। इसके उपरांत राहुल गुप्ता जी ने प्रशिक्षुओं से "जल सरंक्षण" पर बात करते हुए बताया कि प्रकृति के द्वारा मानवता के लिये जल एक अनमोल उपहार है। जल की वजह से ही धरती पर जीवन संभव है। भारत और दूसरे देशों के बहुत सारे क्षेत्रों में पानी की कमी से लोग जूझ रहें है जबकि पृथ्वी का तीन-चौथाई हिस्सा पानी से घिरा हुआ है। जल की कमी के कारण विभिन्न क्षेत्रों में लोगों द्वारा मुश्किलों का सामना किये जाने के कारण पर्यावरण, जीवन और विश्व को बचाने के लिये जल बचाने और संरक्षण करने के लिये हमें सिखाता है। धरती पर जीवन का सबसे जरूरी स्रोत जल है क्योंकि हमें जीवन के सभी कार्यों को निष्पादित करने के लिये जल की आवश्यकता है जैसे पीने, भोजन बनाने, नहाने, कपड़ा धोने, फसल पैदा करने आदि के लिये। बिना इसको प्रदूषित किये भविष्य की पीढ़ी के लिये जल की उचित आपूर्ति के लिये हमें पानी को बचाने की जरुरत है। हमें पानी की बर्बादी को रोकना चाहिये, जल का उपयोग सही ढंग से करें तथा पानी की गुणवत्ता को बनाए रखें। इन दौरान शिखर पालीवाल जी ने सभी स्वमसेवको से "एक जग एक दिन" मुहिम की शुरुआत करने की अपील की जिसमे जल बचाने के उद्देश्य से एक दिन में एक लीटर जल का प्रयोग करने की बात कही गयी एवम सभी से कहा कि अपने अनव विकास खण्डो में जाकर जल पुरुष एवम जल महिला टीम का गठन कर जल गोष्टि आयोजित करे एवम गोष्टि के साथ एक सेल्फी लेकर कार्यक्रम को जन जन तक पहुचाने का काम करे। कार्यक्रम में नेहरू युवा केन्द्र हरिद्वार की जिला युवा समन्वयक अंकिता कोठियाल, एन०वाई०वी विवेक त्यागी, दीपक कुमार, ललित कुमार, प्रखर कश्यप, अनुराग सैनी, अनूप सेमवाल, पंकज, मीनू, प्रियंका, बबिता, अभिलाषा आदि मौजूद रहे।
Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours