हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। हाल ही में रानीपुर मोड़ निकट एक लेपटॉप शोरूम में लाखों की चोरी होने की खबर आई थी। इसके निकट बैंक ऑफ़ इंडिया के ए टी एम में प्रकाश की कोई व्यवस्था न होने के कारण न सिर्फ़ इसमें से पैसे निकालने वाले ग्राहकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था बल्कि यहां चोरी होने की पूरी संभावना थी। जबकि समय समय पुलिस प्रशासन, बैंक और एटीएम कम्पनियों को एटीएम में एक सिक्योरिटी गार्ड रखने और उसमे सीसीटीवी कैमरा चालू होने की जरूरत को सचेत करता रहता है। हरिद्वार की गूंज से पत्रकार जब इस एटीएम में पैसे निकालने गए तो सर्वप्रथम उन्हें अँधेरे के कारण असुविधा का सामना करना पड़ा उसके बाद उसमे से पैसे तो निकले नही उल्टा उनके मोबाइल में पैसे कटने का एसएमएस जरूर आ गया। जबकि चित्र में दिखाई दे रहा है कि दो ग्राहक एटीएम मे अपनी बारी आने की प्रतीक्षा में है, जबकि एटीएम से पैसे भी निकल रहे थे।एटीएम में लाइट (प्रकाश) न होने की सूचना जब कोतवाली ज्वालापुर को देनी चाही तो कोतवाल ने न सिर्फ फोन उठाया बल्कि बाद में कॉल बैक भी नही की। मात्र 20 प्रतिशत अधिकारी ही ऐसे होते है जो समय पर फोन उठा लेते हैं अन्यथा उन्हें अपना सरकारी फोन भी बौझ लगने लगता है। उसके बाद सीओ सिटी अभय सिंह को कॉल की तो उन्होंने लोकेशन की जानकारी लेने के बाद कार्यवाही की बात की। कल्पना कीजिये एटीएम में केस लूट लिया जाता तो फिर मुद्दा गूंजता कि पुलिस पिकेट से मात्र 100 मीटर दूर एटीएम में हुई लूट। दीपावली का पर्व चल रहा है, ऐसे में लूट डकैती की वारदात बढ़ जाती है। तो ऐसे में लापरवाही बरतने वाले एटीएम कंपनी या अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी जरूरी है।
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