हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय राष्ट्रीय युग सृजेता-युवा संयोजक कार्यशाला का आज समापन हो गया। इस शिविर में छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्यप्रदेश, बिहार, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर सहित 16 राज्यों के 410 जिलों के युवा संयोजक शामिल रहे। तीन दिन चले इस कार्यशाला में सैद्धांतिक व व्यावहारिक के कुल तेरह सत्र हुए, जिसमें प्रतिभागी युवाओं को युवा जागृति अभियान, रचनात्मक आंदोलन, संगठन की रीति-नीति व युवा अभियान, प्रशिक्षण व कार्ययोजना, नवीन तकनीक, करिष्ये वचनं तव आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गयी, तो वहीं युवा संयोजकों को प्रांतवार बनी कार्ययोजनाओं के लक्ष्य को पूरा करने के विविध उपायों सुझाये। साथ ही आने वाली संभावित समस्याओं के समाधान की भी जानकारी दी गयी, प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि युवाओं में वायु की दिशा को मोड़ देने की क्षमता होती है। अपनी क्षमता को रचनात्मक दिशा देने से परिवार, समाज व राष्ट्र का विकास संभव है। उन्होंने युवाओं को स्वावलंबी बनने के विविध सूत्र बताये। प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि युवाओं को अपनी संकल्प शक्ति को सृजन की ओर लगा लगाना चाहिए, जिससे वे समाज को सभ्य, सुसंस्कृत व विकासशील बना सकें। डॉ. चिन्मय ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण से लेकर हर क्षेत्र में समस्याओं का अंबार है। अगर ऐसे ही चलता रहा, तो हमारी आने वाली पीढ़ी समस्याओं के ढेर में होगी। प्रतिकुलपति ने युगऋषि पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा बताये गये विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से जनसंख्या वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण, बेरोजगारी आदि समस्याओं का निदान बताया। उन्होंने कहा कि इस समय इन समस्याओं को रोकने के कारगर उपाय करने की महती आवश्यकता है। इसके लिए युवाओंं को जन जागरण के लिए आगे बढ़कर कार्य करने की जरुरत है। व्यवस्थापक श्री शिवप्रसाद मिश्र ने युवाओं को संगठित होकर कार्य करने पर बल दिया। प्रज्ञा अभियान संपादक श्री वीरेश्वर उपाध्याय, डॉ. बृजमोहन गौड़, डॉ. ओपी शर्मा, श्री कालीचरण शर्मा, श्री केदार प्रसाद दुबे, श्री सदानंद अंबेकर आदि संबोधित किया। शिविर में उप्र, गुजरात, दिल्ली आदि राज्यों के लिए विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर युवाओं को जुट जाने के लिए संकल्पित कराये गये।छत्तीसगढ़ राज्य के स्वालोकम-स्वावलंबी लोकसेवी मण्डल योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत छग के युवा वर्ग व महिलाओं को निःशुल्क कुटीर उद्योग का प्रशिक्षण दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि छग के बस्तर, कांकेर, दंतेवाडा सहित कई नक्सल प्रभावित दण्डकारण्य क्षेत्र का संपूर्ण विकास पर गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या जी के निर्देशन में कार्य चल रहा है। इसी कड़ी में यह मण्डल छग के विकास को नई ऊँचाई प्रदान करेगा।



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