हरिद्वार की गूंज (24*7)
(अब्दुल सत्तार) हरिद्वार। उपनगरी ज्वालापुर मे नशे का कारोबार बडे स्तर पर चल रहा है, और नशे के कारोबारियो ने नशे की सामग्रियों को बेचने के लिए नौजवान युवको को काम बांट रखे है, ज्वालापुर के कुछ ऐसे मौहल्ले है, जिनमे जगह जगह शराब जगह जगह नशे के इंजेक्शन जगह जगह स्मैक आदि मिल रही है, समाज के लोगो को ज्वालापुर मे बिक रहे नशे के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है, क्या सम्मानित समाज के लोगो का फर्ज नही बनता है, कि नशे के खिलाफ एक होकर आवाज उठाये, क्योंकि नशे से हमारे नौजवानों की जवानी नशे मे बर्बाद हो रही है, नशा एक प्रकार से नश्लकसी कर रहा है, नशे के सेवन से नश्ले तबाह हो गयी है, समाज के लोगो को सोचना चाहिए, यदि आज हमारे पडोस के बच्चे और बडे नशा कर रहे है, हो सकता है, कल हमारे घर मे भी यही स्थिति पैदा हो जाये, नशे के बढने का कारण समाज का एक जुट होकर आवाज ना उठाना है, नशे के कारण से ज्वालापुर के कई घरो के चिराग बुझ गये, और कई घरो के चिराग मौत ओर जिन्दगी से लड रहे है, नशे से सांस, टी०बी०, कैंसर, हार्ट अटैक आदि बीमारियांं हो रही है, और दूसरी बात नशा करने को और नशे की चीजो को इस्लाम मजहब मे हराम करार दिया है, तो नशे के कारोबार को रोकना फर्ज के है, इसी क्रम मे नवाब भारती समाज सेवी ने ज्वालापुर के सम्मानित समाज के लोगो से अपील है, कि अपने आसपास मिल या बिक रहे नशे के खिलाफ आवाज उठाये कानून का साथ ले कानून का साथ दे, ताकि हमारी और देश की नश्ले बच सके और नौजवानी बच सके और कल खुदा के दरबार मे भी मुँह दिखा सके (नशे को मिटाना है, नश्लो को बचाना है) (नशा कर देता है बुरी हालत, नशे को ना रोकना है बुरी आदत) (नशे का कारोबार है हराम,क्योंकि जिन्दगी है हलाल) इसलिए नशे के खिलाफ सम्मानित समाज के प्रत्येक घर से एक आदमी बाहर निकलो आवाज उठाओ, देश का भविष्य बचाओ, नश्लो की हो रही तबाही को रोकना है, क्योंकि नशे को जड़ से उखाड फेंकना है, ज्वालापुर की शिक्षण संस्थानों को भी इस ओर ध्यान देने की जरूरत है, शिक्षा के घरो स्कूल, मदरसो को भी नशे के खिलाफ आगे आने की जरूरत है।



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