हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। हरिद्वार धर्मनगरी में आस्था का महाशिवरात्रि पर्व बड़े धूमधाम के साथ बनाया गया। नगर के विभिन्न मंदिरों में भगवान शिव का जल अभिषेक करने के लिए शिव भक्तों की भारी भीड़ रही। सुबह से ही सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु मंदिरों के बाहर भगवान शिव के अभिषेक करने के लिए लंबी लंबी कतारों में खड़े नजर आए। वहीं भूपतवाला स्थित कमल दास कुटीया के गद्दीनशीन महंत ओमप्रकाश शास्त्री महाराज जी ने आए भक्तों को भगवान शिव की रस लीलाओ से अवगत कराकर भक्तों का मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि सृष्टि के आरंभ में महारात्रि को भगवान शंकर रुद्र के रूप में प्रजापिता ब्रह्मा के शरीर से प्रकट हुए थे।
उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के पर्व पर शिवलिंग का जलाभिषेक करने से मनुष्य को पापों से मुक्ति मिलती है। तथा उनकी हर मनोकामना भगवान शिव पूर्ण रूप से पूरी करते हैं। उन्होंने कहा कि देवों ने अमृत पान किया, लेकिन महादेव शिव ने विष पान कर संसार की रक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्ष भर भगवान शिव पर जलाभिषेक करने का जो फल प्राप्त होता है वही फल महाशिवरात्रि पर भगवान का जलाभिषेक करने से मिलता है। उन्होंने कहा कि शिव के दर्शन मात्र से ही व्यक्ति के पापों का नाश हो जाता है। जो व्यक्ति एक बार भी सच्चे मन से भगवान की विधि पूर्वक पूजा अर्चना कर लेता है उसको मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। वहीं कमल दास कुटीया पर 11 वर्षों से भंडारा करने वाले बालक राम कश्यप ने बताया कि हमारी टीम 11 वर्षो से हरिद्वार में आकर गुरु जी के आशीर्वाद से लगातार महाशिवरात्रि के अवसर पर भंडारा करती है। टीम के सदस्य भंडारा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। उन्होंने बताया कि यह भंडारा तीन चार दिन लगातार चलता है। और आगे भी चलता रहेगा। इस अवसर पर शैलेंद्र कुमार कश्यप, शबनम वर्मा, मुन्नालाल, संजीव कुमार, रामपाल, प्रवीण शुक्ला, भानु प्रताप, पंकज चौहान, रामसेवक, अशोक प्रधान, दयाराम, शिवराज सिंह, राजू, लाला त्रिपाठी, मोहित, आदि लोग मौजूद रहे।
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। हरिद्वार धर्मनगरी में आस्था का महाशिवरात्रि पर्व बड़े धूमधाम के साथ बनाया गया। नगर के विभिन्न मंदिरों में भगवान शिव का जल अभिषेक करने के लिए शिव भक्तों की भारी भीड़ रही। सुबह से ही सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु मंदिरों के बाहर भगवान शिव के अभिषेक करने के लिए लंबी लंबी कतारों में खड़े नजर आए। वहीं भूपतवाला स्थित कमल दास कुटीया के गद्दीनशीन महंत ओमप्रकाश शास्त्री महाराज जी ने आए भक्तों को भगवान शिव की रस लीलाओ से अवगत कराकर भक्तों का मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि सृष्टि के आरंभ में महारात्रि को भगवान शंकर रुद्र के रूप में प्रजापिता ब्रह्मा के शरीर से प्रकट हुए थे।
उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के पर्व पर शिवलिंग का जलाभिषेक करने से मनुष्य को पापों से मुक्ति मिलती है। तथा उनकी हर मनोकामना भगवान शिव पूर्ण रूप से पूरी करते हैं। उन्होंने कहा कि देवों ने अमृत पान किया, लेकिन महादेव शिव ने विष पान कर संसार की रक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्ष भर भगवान शिव पर जलाभिषेक करने का जो फल प्राप्त होता है वही फल महाशिवरात्रि पर भगवान का जलाभिषेक करने से मिलता है। उन्होंने कहा कि शिव के दर्शन मात्र से ही व्यक्ति के पापों का नाश हो जाता है। जो व्यक्ति एक बार भी सच्चे मन से भगवान की विधि पूर्वक पूजा अर्चना कर लेता है उसको मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। वहीं कमल दास कुटीया पर 11 वर्षों से भंडारा करने वाले बालक राम कश्यप ने बताया कि हमारी टीम 11 वर्षो से हरिद्वार में आकर गुरु जी के आशीर्वाद से लगातार महाशिवरात्रि के अवसर पर भंडारा करती है। टीम के सदस्य भंडारा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। उन्होंने बताया कि यह भंडारा तीन चार दिन लगातार चलता है। और आगे भी चलता रहेगा। इस अवसर पर शैलेंद्र कुमार कश्यप, शबनम वर्मा, मुन्नालाल, संजीव कुमार, रामपाल, प्रवीण शुक्ला, भानु प्रताप, पंकज चौहान, रामसेवक, अशोक प्रधान, दयाराम, शिवराज सिंह, राजू, लाला त्रिपाठी, मोहित, आदि लोग मौजूद रहे।




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