हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। राज्य सरकार की संपन्न कैबिनेट की मीटिंग में राज्य आंदोलनकारियों की एक भी मांग पर चर्चा ना किए जाने पर राज्य आंदोलनकारियों में भारी आक्रोश है। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जे०पी० पांडे ने कहा कि 5 फरवरी को ऐतिहासिक मुख्यमंत्री आवास कूच के तहत मुख्यमंत्री द्वारा अपने प्रतिनिधि मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट से 11 सदस्य प्रतिनिधि मंडल से वार्ता का 10 दिन के अंदर समय देकर 13 फरवरी को मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी से 5 सदस्य प्रतिनिधि मंडल की वार्ता कराई गई और 10 दिन के अंदर मुख्यमंत्री जी से मांगों पर चर्चा करने का आश्वासन दिया। परंतु 10 दिन के पश्चात जब 25 फरवरी को राधा रतूड़ी जी से मुख्यमंत्री जी से वार्ता के संबंध में जानकारी चाही, तो उन्होंने कहा कि कोई वार्ता नहीं हो पाई है। पुणे 2 मार्च को जानकारी चाही, तो उन्होंने यह कहा कि मैं 7, 8 दिन की छुट्टी पर हूं। जे०पी० पांडे ने कहा कि इससे यह स्पष्ट हो गया कि माननीय मुख्यमंत्री जी राज्य आंदोलनकारियों की मांगों के प्रति गंभीर नहीं है और हमारे पास सिर्फ एक ही विकल्प है कि हम आर पार की लड़ाई लड़ें। राज्य आंदोलनकारियों ने पूर्व में लिए गए निर्णय अनुसार प्रत्येक माह की अमावस्या पर सरकार की सुद्धि बुद्धि हेतु सिद्ध पीठ मंदिरों में जाकर राज्य सरकार की बुद्धि शुद्धि हेतु पूजा करने के निर्णय पर राज्य आंदोलनकारियों ने समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जे०पी० पांडे के नेतृत्व में सिद्ध पीठ श्री कुंडी शोतेस्वर मंदिर जाकर राज्य सरकार की बुद्धि शुद्धि हेतु पूजा अर्चना की। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जे०पी० पांडे, केंद्रीय सचिव विजय भंडारी, केंद्रीय संगठन मंत्री महेश गौड़, महिला प्रकोष्ठ की केंद्रीय अध्यक्ष सावित्री नेगी, रमेश रतूड़ी, शीशराम शर्मा, डॉ हरी नारायण जोशी, बलवीर नेगी, भीमसेन रावत, आनंद सिंह नेगी, आर एस मनराल कामरेड, भगवान जोशी कामरेड, विजय पाल कामरेड, महेंद्र वर्मा, वशिष्ठ कामरेड, उमेश सिंह नेगी, पंकज मंगाई, आर एस नेगी, विनोद बगियाल, चंद्र बल्लभ डेंड्रियाल, चौधरी अफजल अल्वी, कामरेड लाल दीन, हुकम सिंह रावत, दलवीर पोखरियाल, महाराज सिंह असवाल, विजय खड़ी, मुकेश सेमवाल आदि ने कहा कि राज्य सरकार की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। और राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की बुद्धि शुद्धि के लिए अब भगवान के दरबार में गए हैं और प्रत्येक माह की अमावस्या पर सिद्ध पीठ मंदिर जाकर पूजा अर्चना की जा रही है आक्रोशित राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि जिन्होंने अनेकों कुर्बानियां देकर राज्य का निर्माण किया। आज राज्य सरकार उन्हीं राज्य आंदोलनकारियों की घोर उपेक्षा कर रही है। राज्य आंदोलनकारी आज भी सड़कों पर है और मंत्री संत्री अधिकारी सब मलाई चाट रहे हैं।
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