हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मनीष लखानी) हरिद्वार। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा क्षेत्र में आतंकियों के आतंकी हमले में शहीद होने वाले सीआरपीएफ के 44 जवानों में तरनतारन के गांव गंडीविंड धत्तल के सुखजिंदर सिंह भी शामिल हैं। विधानसभा हलका पट्टी के गांव गंडीविंड धत्तल निवासी गुरमेल सिंह के बेटे सुखजिंदर सिंह सीआरपीएफ की 76वीं बटालियन में बतौर कांस्टेबल तैनात थे।सुखजिंदर सिंह 28 जनवरी को एक माह की छुट्टी के बाद जब ड्यूटी पर लौटे थे। वह अपने आठ माह के लड़के गुरजोत सिंह को बार-बार चूम रहे थे। सुखजिंदर सिंह की शादी गांव शकरी निवासी सरबजीत कौर के साथ हुई थी।आतंकी हमले वाले दिन सुखजिंदर सिंह ने गुरुवार को सुबह साढ़े दस बजे अपने भाई गुरजंट सिंह जंटा को फोन करके बताया कि जम्मू-कश्मीर में रास्ता बंद होने कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अब रास्ता खुल चुका है।सीआरएफ के ढाई हजार जवानों का काफिला अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है। गुरजंट सिंह जंटा ने बताया कि फोन करते समय सुखजिंदर सिंह बार-बार अपने बेटे गुरजोत सिंह के बारे में पूछ रहा था कि वे रोता तो नहीं है। सुखजिंदर सिंह का कहना था कि आने वाले दिनों में अपने बेटे के लिए ढेर सारे खिलौने भेजेगा।बाद दोपहर करीब साढ़े 12 बजे आतंकी हमले में 44 जवानों के साथ सुखजिंदर सिंह की शहादत की खबर ने पूरे परिवार को पत्थर कर दिया। 1300 की आबादी वाले गांव गंडीविंड धत्तल के कई घरों में चूल्हा नहीं जल पाया।

22 दिन का बेटा पीछे छोड़ गए
आतंकी हमले में शिमला के कांगड़ा जिले के जवाली विधानसभा क्षेत्र के धेवा गांव के सीआरपीएफ जवान तिलक राज पुत्र लायक राम शहीद हो गए हैं। कांस्टेबल तिलक के शहीद होने की सूचना मिलते ही पूरा हिमाचल शोक में डूब गया। दो मई 1988 को जन्मे तिलक ने 27 अप्रैल 2007 को सीपीआरएफ में सेवाएं देनी शुरू की थी।बताया जा रहा है कि वह अपने पीछे पत्नी सावित्री देवी और 22 दिन का बेटा छोड़ गए हैं। तिलक दो दिन पहले ही घर से ड्यूटी पर लौटे थे

दो दिन पहले ही लौटे थे ड्यूटी पर
उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिला के खटीमा के ग्राम मोहम्मदपुर भुड़िया निवासी वीरेंद्र सिंह (45 बटालियन) पुत्र दीवान सिंह दो दिन पहले ही ड्यूटी पर वापस लौटे थे। वह 20 दिन की छुट्टी लेकर घर आए थे। शहीद वीरेंद्र सिंह के बहनोई रामकिशन ने बताया कि वीरेंद्र ने गुरुवार सुबह ही पत्नी रेनू को फोन पर बताया था कि वह जम्मू से श्रीनगर के लिए निकल रहे हैं।घर पर अभी वीरेंद्र के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। टेलीविजन पर आ रही खबरों के जरिए ही उन्हें सूचना मिली है। सूचना के बाद से परिवार में मातम का माहौल है। वीरेंद्र के दो बच्चे हैं, बड़ी बेटी राही 5 साल की है, जबकि ढाई साल का बेटा रेहान है।
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