हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद ब्यूरो) लक्सर। वैसे तो उत्तराखंड में वातावरण के ठंडे मौसम ने करवट बदल ली है। सुबह से हो रही लगातार बारिश की बौछारें साथ ही ठंडी हवाएं भी चल रही है। बड़ती ठंड से लोगों का जीना दूभर हो गया है। सर्दियों में हुई पहली बारिश से जहां लोगों को एक और खुशी महसूस हो रही है। वहीं किसानों के दिल में डर भी समा गया है। बादलों की चमक पर गड़गड़ाहट के साथ हो रही बारिश से किसानों को इस बात का डर लग रहा है। कि अगर मौसम विभाग द्वारा दी गई चेतावनी के हिसाब से क्षेत्र में ओलावृष्टि हो जाती है। तो उन्हें बेहद नुकसान हो सकता है। किसानों की फसलें इस समय लगभग तैयारी की कगार पर है। कई ऐसी फसलें हैं जिन पर ओलावृष्टि का सीधा प्रभाव पड़ेगा। जैसे बर्शी, मसरी, चना, गेहूं, गन्ना, आलो आदि। जिन पर ओलावृष्टि का सीधा प्रभाव पड़ेगा।जिससे किसानों को भारी नुकसान होने का डर सता रहा है। पिछले वर्षों की भांति अगर इस बार भी ओलावृष्टि हो जाती है। तो कंगाली की कगार पर पहुंच जाएंगे। वैसे तो मौसम की करवट बदलने से क्षेत्र में हर किसी पर इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। किसान हो, या व्यापारी हो, यातायात हो, या फिर आम आदमी हर किसी पर बारिश का प्रभाव है। अगर यातायात की बात करें तो स्टैंड पर लगभग सुनसान है। कोई एकाध गाड़ी ही सड़क से गुजर रही है। और अगर व्यापारी वर्ग की बात करें। तो दुकानदारों की दुकानों पर इस बारिश के चलते ग्राहक दिखाई नहीं दे रहे हैं। बड़ी ठंड से लोगों ने अपने घरों में शरण ले रखी है। घरों से निकलना कोई जरूरी नहीं समझ रहा है।
(फिरोज अहमद ब्यूरो) लक्सर। वैसे तो उत्तराखंड में वातावरण के ठंडे मौसम ने करवट बदल ली है। सुबह से हो रही लगातार बारिश की बौछारें साथ ही ठंडी हवाएं भी चल रही है। बड़ती ठंड से लोगों का जीना दूभर हो गया है। सर्दियों में हुई पहली बारिश से जहां लोगों को एक और खुशी महसूस हो रही है। वहीं किसानों के दिल में डर भी समा गया है। बादलों की चमक पर गड़गड़ाहट के साथ हो रही बारिश से किसानों को इस बात का डर लग रहा है। कि अगर मौसम विभाग द्वारा दी गई चेतावनी के हिसाब से क्षेत्र में ओलावृष्टि हो जाती है। तो उन्हें बेहद नुकसान हो सकता है। किसानों की फसलें इस समय लगभग तैयारी की कगार पर है। कई ऐसी फसलें हैं जिन पर ओलावृष्टि का सीधा प्रभाव पड़ेगा। जैसे बर्शी, मसरी, चना, गेहूं, गन्ना, आलो आदि। जिन पर ओलावृष्टि का सीधा प्रभाव पड़ेगा।जिससे किसानों को भारी नुकसान होने का डर सता रहा है। पिछले वर्षों की भांति अगर इस बार भी ओलावृष्टि हो जाती है। तो कंगाली की कगार पर पहुंच जाएंगे। वैसे तो मौसम की करवट बदलने से क्षेत्र में हर किसी पर इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। किसान हो, या व्यापारी हो, यातायात हो, या फिर आम आदमी हर किसी पर बारिश का प्रभाव है। अगर यातायात की बात करें तो स्टैंड पर लगभग सुनसान है। कोई एकाध गाड़ी ही सड़क से गुजर रही है। और अगर व्यापारी वर्ग की बात करें। तो दुकानदारों की दुकानों पर इस बारिश के चलते ग्राहक दिखाई नहीं दे रहे हैं। बड़ी ठंड से लोगों ने अपने घरों में शरण ले रखी है। घरों से निकलना कोई जरूरी नहीं समझ रहा है।



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