हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद अरिफ) हरिद्वार। बारिश और बर्फीली हवाओ ने जहां जनजिवन अस्त व्यस्त कर दिया है। वहीं कड़ाके की सर्दी में बेघर और बेसहारा लोगों को सर्दी की मार झेलनी पड़ रही है। प्रशासन ने भी बेघर बेसहारा लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। बारिश के मौसम में बेसहारा लोगो के सर छुपाने के लिए सही व्यवस्था ना होने के कारण यह लोग सर्दी में ठिठुरते हुए अपने दिन और रात काट रहे हैं। समाजसेवा का दम भरने वाले सामाजिक संगठन भी कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ती संख्या में बेघर व बेसहारा लोग इस बारिश की बर्फीली हवा में रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। इन लोगों का दिन तो किसी प्रकार कट जाता है। लेकिन सर्द रातें कटना इन के लिए मुसीबत भरा साबित हो रहा है। जो कि प्रशासन ने भी इन बेसहारा लोगों को अपने हाल पर छोड़ दिया है। समाज सेवा का दम भरने वाले तथा अखबारों की सुर्खियों में आने को आतुर रहने वाले समाजसेवी संगठन भी इन दिनों कहीं छुप गए हैं। आलम यह है कि बारिश की बर्फीली हवा में कांपते बेसहारा लोगों की मदद के नाम पर सामाजिक संगठन भी हाथ पर हाथ रखे सर्दी गुजरने का इंतजार कर रहे हैं।
(मौहम्मद अरिफ) हरिद्वार। बारिश और बर्फीली हवाओ ने जहां जनजिवन अस्त व्यस्त कर दिया है। वहीं कड़ाके की सर्दी में बेघर और बेसहारा लोगों को सर्दी की मार झेलनी पड़ रही है। प्रशासन ने भी बेघर बेसहारा लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। बारिश के मौसम में बेसहारा लोगो के सर छुपाने के लिए सही व्यवस्था ना होने के कारण यह लोग सर्दी में ठिठुरते हुए अपने दिन और रात काट रहे हैं। समाजसेवा का दम भरने वाले सामाजिक संगठन भी कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ती संख्या में बेघर व बेसहारा लोग इस बारिश की बर्फीली हवा में रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। इन लोगों का दिन तो किसी प्रकार कट जाता है। लेकिन सर्द रातें कटना इन के लिए मुसीबत भरा साबित हो रहा है। जो कि प्रशासन ने भी इन बेसहारा लोगों को अपने हाल पर छोड़ दिया है। समाज सेवा का दम भरने वाले तथा अखबारों की सुर्खियों में आने को आतुर रहने वाले समाजसेवी संगठन भी इन दिनों कहीं छुप गए हैं। आलम यह है कि बारिश की बर्फीली हवा में कांपते बेसहारा लोगों की मदद के नाम पर सामाजिक संगठन भी हाथ पर हाथ रखे सर्दी गुजरने का इंतजार कर रहे हैं।



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