हरिद्वार की गूंज
(गगन शर्मा) हरिद्वार। जिस प्रकार हरिद्वार में जिलाधिकारी दीपक रावत द्वारा हरिद्वार को पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिये एक अभियान छेड़ा था उसी तरह सार्वजनिक स्थलो जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ऑटो, बसों और सभी सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालो के खिलाफ एक अभियान छेड़ना ही होगा। जब कोई वाहन चालक या व्यक्ति सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान करता है तो उसके द्वारा कितनी बड़ी असुविधा उन लोगो को होती है जो धूम्रपान से दूर ही रहना चाहते है ये तो वो ही जाने। ये भी देखा गया हैं कि यदि ऑटो, प्राइवेट बस में कोई किसी को धूम्रपान करने से रोकता है तो वह रोकने वाले से हिंसा पर उतर जाता है। उस समय पीड़ित की मददगार भी कोई नही होता है।  मगर यदि सार्वजनिक स्थलों पर  धूम्रपान करने वालो का प्रतिदिन चालान कम से कम 500 रुपये से कटना शुरू हो तो  हरिद्वार की जनता को जिलाधिकारी दीपक रावत का बहुत बडा रक्षाबंधन पर उपहार होगा। अक्सर देखा जाये तो कानून के रक्षक ही कानून को तोड़ते देखे जाते है। जैसा कि चित्र में दिखाया जा रहा है कि हरिद्वार बस स्टैंड के गेट पर पुलिसकर्मी ही ऑन ड्यूटी धूम्रपान कर रहा है ऐसे में वो किसी ओर को धूम्रपान करने से कैसे रोकेगा।
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