हरिद्वार की गूंज
(अब्दुल सत्तार) हरिद्वार। उपनगरी ज्वालापुर के कस्साबान नाले को ऐसा कोई नही है, जो जानता नही हैं, उसमे आने वाली गन्दगी से सीधे गंग नहर मे गिर रही है,और गन्दगी डालने वालो मे कस्साबान के वासी बदनाम हो रहे है, तमाम संगठन एक ही मौहल्ले और समुदाय को निशाना बनाए हुए है, क्या इन संगठनो के आँखे नही दी खुदा ने, अरे कस्साबान नाला कस्साबान से तो शुरू नही हो रहा है, ये तो सभी जानते है, कि बी एच ई एल से शुरू होकर ज्वालापुर की आबादी को पास करता हुआ,आ रहा है, जिसमे ज्वालापुर के जो मौहल्ले इस नले से लगते है, वो सभी इसमे गन्दगी डालते है, और खास कर गन्दगी बकरा मार्किट से गिरती है, और सारे ज्वालापुर की गन्दगी पास होकर गंग नहर मे गिरती है, और बदनाम कस्साबान मौहल्ला होता है, साफ सफाई सभी को रखनी चाहिए लेकिन किसी गलती के लिए एक समुदाय को गलत समझना ये कहा का इंसाफ हुआ जी, फिर संगठन किस प्रकार की समाज सेवा कर रहे है। ये सब नाले मे कस्साबान से पहले जो मोहल्ले है, उनकी गंदगी है।
(अब्दुल सत्तार) हरिद्वार। उपनगरी ज्वालापुर के कस्साबान नाले को ऐसा कोई नही है, जो जानता नही हैं, उसमे आने वाली गन्दगी से सीधे गंग नहर मे गिर रही है,और गन्दगी डालने वालो मे कस्साबान के वासी बदनाम हो रहे है, तमाम संगठन एक ही मौहल्ले और समुदाय को निशाना बनाए हुए है, क्या इन संगठनो के आँखे नही दी खुदा ने, अरे कस्साबान नाला कस्साबान से तो शुरू नही हो रहा है, ये तो सभी जानते है, कि बी एच ई एल से शुरू होकर ज्वालापुर की आबादी को पास करता हुआ,आ रहा है, जिसमे ज्वालापुर के जो मौहल्ले इस नले से लगते है, वो सभी इसमे गन्दगी डालते है, और खास कर गन्दगी बकरा मार्किट से गिरती है, और सारे ज्वालापुर की गन्दगी पास होकर गंग नहर मे गिरती है, और बदनाम कस्साबान मौहल्ला होता है, साफ सफाई सभी को रखनी चाहिए लेकिन किसी गलती के लिए एक समुदाय को गलत समझना ये कहा का इंसाफ हुआ जी, फिर संगठन किस प्रकार की समाज सेवा कर रहे है। ये सब नाले मे कस्साबान से पहले जो मोहल्ले है, उनकी गंदगी है।



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