उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने उत्तराखण्ड के जेल में निरुद्ध अभियुक्तों को वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से माननीय न्यायालय में पेशी कराए जाने के सम्बन्ध में एक बैठक ली.
प्रथम चरण में जेल में बन्द अपराधियों की वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से ही रिमांड कराए जाने का निर्णय लिया गया. पुलिस महानिरीक्षक कारागार ने बताया कि सितारगंज, पौड़ी व चमोली जेलों को छोड़कर बाकी सभी जेलों में रिमांड वीडियो कान्फ्रेसिंग द्वारा ही कराई जा रही है.
तीन स्थानों को भी अतिशीध्रता से वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जोड़ने पर बल दिया गया. साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि द्वितीय चरण में गैगस्टर अभियुक्तों का ट्रायल भी वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से कराया जाएगा.
इस गोष्ठी में अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) अशोक कुमार, महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) दीपम सेठ, पुलिस उप महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र पुष्पक ज्योति, पुलिस महानिरीक्षक (कारागार) पीवीके प्रसाद, अपर सचिव गृह अजय रौतेला, अपर सचिव न्याय महेश कोशिया, और अपर निदेशक (अभियोजन) हरिविनोद जोशी उपस्थित थे.



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