हरिद्वार की गूंज
( भगवत शर्मा) हरिद्वार। एक तरफ सरकार बात करती है, बच्चो के विकास की और शिक्षा की दूसरी और नाबालिग बच्चे आज सडको पर भीख मांगते नजर आ रहे है, क्या है, सबका साथ सबका विकास की बात कर रही है, और छोटे छोटे बच्चे आज सडको पर चौराहो पर बस स्टैण्डों पर स्टेशनो पर मंदिरो,मस्जिदों,आश्रमो गुरूद्वारो गिरजा घरो पीरो मजारो के सामने भीख मांगते नजर आयेंगे, तो क्या शासन प्रशासन ये बच्चे नजर नही आ रहे है, या शासन प्रशासन आँखे बंद किये बैठा है, आज तक ये पता नही चल पाया की ये बच्चे घरो से भागे हुए है, या कोई छोड गया, या माँ बाप ने इनको इस काम मे लगा रखा है, या कोई ऐसा गिरोह है जो इनको भीख मांगने के लिए मजबूर करता है,आज तक पता नही लगा पाया,ना ही कोई मजबूत कार्यवाही जमीनी स्तर पर हो पाई, सबका विकास वाले लोगो ने केवल और केवल बेवकूफ बनाने के सिवा कुछ नही किया, और आगे भी कोई व्यवस्था सुधरने का नाम नही लेती अगर कोई सुधारने का प्रयत्न करता तो, ये हालात पैदा होते, छोटे छोटे बच्चे भीख मांगते हुए सडको पर ना दिखते, यदि सरकार मे बैठे लोग कुछ विकास करते तो सडको पर बच्चे भीख मांगते हुए ना होते, तो बताए किस प्रकार व्यवस्था सुधरेगी, इन सडको पर भीख मांगते बच्चो का अधिकार नही है, क्या पढना लिखना अच्छा खाना अच्छा पहना तो समाज मे इनके साथ अन्याय क्यो समाज मे कोई भी क्यो इनके इंसाफ के लिए आवाज क्यो नही उठाता। 
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