हरिद्वार की गूंज (24*7)
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(अविनाश गुप्ता) हरिद्वार। श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े द्वारा निकाली जाने वाली प्राचीन पवित्र छड़ी यात्रा उत्तराखण्ड भ्रमण के लिए रवाना हो गई। रवाना होने से पूर्व भगवान बाल्मीकि की पूजा अर्चना के बाद माॅ मन्शादेवी मन्दिर पहुची,जहां पर छड़ी का अभिषेक किया गया। बुधवार को श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े द्वारा निकाली जाने वाली प्राचीन पवित्र छड़ी यात्रा उत्तराखण्ड भ्रमण के लिए रवाना हो गयी। पवित्र छड़ी का रात्रि विश्राम ऋषिकेश में होगी। बुधवार को शरद पूर्णिमा के मौके पर अधिष्ठात्री मायादेवी मन्दिर परिसर में जूना अखाड़े के अन्र्तराष्ट्रीय संरक्षक तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि महाराज, जूना अखाड़ा के अन्र्तराष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेमगिरि महाराज सहित विभिन्न पदाधिकारियों ने पवित्र छड़ी की पूजा अर्चना के बाद भगवान बाल्मीकि जयन्ती के मौके पर बाल्मीकि चैक स्थित भगवान बाल्मीकि की पूजा अर्चना की गई। इस दौरान पार्षद विनीत जौली,व्यापारी नेता कैलाश केसवानी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों,व्यापारियों ने छड़ी की पूजा अर्चना की। इसके बाद पवित्र छड़ी माॅ मंशादेवी मन्दिर ले जाया गया, जहां पर निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर कैलाशानंद गिरि महाराज, श्रीनिरंजनी पंचायती अखाड़ा के अन्र्तराष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज, महंत रामरतन गिरि सहित कई संतो, श्रद्वालुओं ने पवित्र छड़ी की आगवानी करते हुए मन्दिर ले जाकर पूजा अर्चना के बाद,छड़ी का अभिषेक किया गया अभिषेक के बाद पवित्र छड़ी वापस मायादेवी मन्दिर पहुची। जहां पर पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना के बाद पवित्र छड़ी को उत्तराखण्ड के चारो धामों के अलावा विभिन्न पौराणिक स्थलों के भ्रमण के लिए रवाना किया गया। इस दौरान गौकर्णधाम परमाध्यक्ष महामण्डलेश्वर कपिलपुरी, आनन्द अखाड़ा के आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि, जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत महेशपुरी, श्रीमहंत शैलेन्द्र गिरि, श्रीमहंत केदारपुरी, थानापति राजगिरि, श्रीमहंत उमाशंकर भारती, श्रीमहंत विशम्भर भारती सहित कई संत महंत मौजूद रहे। श्रीमहंत हरिगिरि महाराज ने बताया कि पवित्र छड़ी यात्रा चारों धाम तथा समस्त उत्तराखण्ड के सभी प्रमुख तीर्थो का भ्रमण कर 10 नवम्बर को वापिस मायादेवी मन्दिर हरिद्वार पहुचेगी। लगभग 21 दिन की इस यात्रा में पवित्र छड़ी चारों धाम के अतिरिक्त त्रिजुगीनारायण,तृंगनाथ,भविष्य बद्री,आदि बद्री,नृसिंह मन्दिर,आद्य जगदगुरू शंकराचार्य गुफा,सीतामढ़ी,नौटी गाॅव में श्रीयंत्र होते हुए कुमायूॅ मण्डल मे प्रवेश करेगी,जहां बैजनाथधाम, जागेश्वरधाम, सोमेश्वर महादेव,एड़ादेव, खडकेश्वर मन्दिर, ज्योतिलिंग बागनाथ मन्दिर बागेश्वर, पूर्णागिरि मन्दिर, गंगानाथ मन्दिर, प्रन्ना देवी नैनीताल, नारायण आश्रम ओमपर्वत, पाताल भुवनेश्वर, हाट काली गंगोलीहाट, दूना गिरि, कालिका मन्दिर रानीखेत, बिनसर महादेव, बूढ़ाकेदार, भूमियाथान मासी, गर्जिया माता के दर्शनों के पश्चात हरिद्वार पहुचेगी।
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