हरिद्वार की गूंज 

(गगन शर्मा) हरिद्वार। कोरोना की मार से आम जनता ही नही बल्कि पशु भी कम पीड़ित नही है। इस बात को मुकेश डिमरी भली भांति समझते हैं। प्रोफेशनल से उत्तराखंड पुलिस में कॉन्स्टेबल पद पर हरिद्वार कोतवाली अंतर्गत हर की पौड़ी चौकी पर कार्यरत हैं। स्वभाव से धार्मिक और पशु पक्षियों में अथाह प्रेम रखने वाले मुकेश समय समय पर बंदरो के लिये फल और पक्षियों के लिये दाने की व्यवस्था करते रहते हैं। समय चाहे लॉक डाउन का हो या सामान्य अब से नही बल्कि बहुत पहले से जब भी इनके पास खाली समय होता है तो ये खड़खड़ी मन्सा देवी बाई पास हिल रोड पर जाकर बंदरो को केले और अन्य मौसमी फल खिलाते हैं। लंबे समय से बंदरो की सेवा करने के कारण अब बंदरो और अन्य जीव जंतुओं से उनकी ऐसी दोस्ती हो गयी है कि न तो मुकेश न ही बंदरो को एक दूसरे से कोई भय नही लगता। बल्कि जहां एक ओर बन्दरो और पशु पक्षियों की सेवा करके इन्हें आत्मसंतुष्टि होती है तो बन्दरो के बीच इनके पहुँचते ही बन्दरो में एक अजीब सा उत्साह और उमंग देखी जाती है। मुकेश डिमरी ने बताया कि 'ईश्वर ने सभी जीवो को पेट दिया है भूख सभी को लगती है। हम इंसानों के पास डॉक्टर, भोजन, कपड़ा काफी सुविधाये होती है मगर ये जीव तो अपनी बात, अपना दर्द, अपनी आवश्यकता किसी को बता भी नही सकते। ऐसे में मेरा प्रयास रहता है कि जब तक ईश्वर की दी हुई सांसे चल रही है जितना ज्यादा सम्भव हो पशु पक्षियों के कुछ काम आ सकू'। अक्सर सड़कों पर देखा जाता है कि कई बंदर, कुत्ते, अन्य जंगली जानवर सड़क दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। कुछ जंतुओं के यदि सिर्फ हड्डी टूटी होती है मगर वो समय पर चिकित्सा न पाने के कारण दर्द, और भूख से धीरे धीरे तड़फ तड़फ कर दम तौड़ देते हैं। मुकेश डिमरी का सभी वाहन चालको से मार्मिक निवेदन है सड़क पर यदि कोई जंतु दिखाई दे उसे किसी परिवार का सदस्य समझकर रास्ता दे उनके जीवन की रक्षा करे। आज यदि आप किसी बेजुबान का जीवन बचाते है तो कल ईश्वर आपके और आपके परिजनो के जीवन की भी किसी न किसी मोड़ पर रक्षा अवश्य करेगे।

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