हरिद्वार की गूंज (24*7)

हरिद्वार विकास समिति अध्यक्ष रविबाबू शर्मा

(अविनाश गुप्ता) हरिद्वार। महाकुंभ के चलते हरिद्वार धर्म नगरी में मेला प्रशासन द्वारा शाही स्नान को मद्देनजर रखते हुए जीरो-जोन लगा रखा था, जीरो-जोन का मतलब आप सभी भली-भांति जानते ही होंगे, जहां जीरो-जॉन की बात आती है तो वहां टूवीलर की भी अनुमति नही होती। पर एक ऐसा ताजा मामला जब देखने को मिला जब मेला प्रशासन के नियम कानून को ठेंगा दिखाते हुए सहारनपुर के बड़े उद्योगपति गुप्ता ब्रदर्स ने मेला प्रशासन की खुले आम 10-10 गाड़ियों के काफिले के साथ धन्ना सेठ ने कानून को ताक पर रखते हुए क़ानून की धज्जियां उड़ाते हुए हरकी पैड़ी पहुँचे,

ओर सबसे बड़ी बात यह रही कि मेला प्रशासन के साथ-साथ हरिद्वार प्रशासन के उच्चधिकारियों की रोकने तक की हिम्मत नही पड़ी, आखिर मेला प्रशासन स्थानीय लोगों के साथ शाही स्नानों पर क्यों करता आया है सौतेला व्यवहार, एक तरफ तो मेला प्रशासन ने कड़े कानून बना रखे हैं तो वहीं दूसरी ओर धन्ना सेठ की गाड़ियों को खुली छूट दी जा रही है, साथ ही साथ सबसे बड़ी हैरत की बात शाही स्नानों पर जब देखने को मिली जब स्थानीय लोगों को कुंभ मेले के लिए पास आने जाने के लिए बनाए गए थे, पर यह पास जीरो-जोन में झुनझुना साबित हुए, क्या पैसों की गर्मी के आगे प्रशासन ने अपने घुटने टेक दिए, या खाली आम नागरिकों के लिए ही यह नियम कानून बनाए जाते हैं।

वही जब इस बारे में हरिद्वार विकास समिति के अध्यक्ष रवि बाबू शर्मा से बात की तो उन्हें कहां की हरिद्वार के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और साथ ही साथ रवि बाबू ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ तो व्यापारियों का मेला प्रशासन शोषण कर रहा है, तो वहीं दूसरी ओर उन्हें खुश करने के लिए एसपीओ कार्ड बांटे जा रहे हैं, उन्होंने सहारनपुर के बड़े उद्योगपति गुप्ता ब्रदर्स के काफिले को देखते हुए कानून की कड़े शब्दों में निंदा की है, उन्होंने कहा कि हरिद्वार में स्थानीय लोगों को शाही स्नान को देखते हुए कैद कर दिया गया, जो पास जारी किए गए थे वह पास भी जीरो-जोन में झुनझुना साबित हो गए, हरिद्वार स्थानीय लोगो का ऐसा अपमान किसी भी सूरत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे हमें इस पर आंदोलन क्यों ना करना पड़े।

Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours