हरिद्वार की गूंज (24*7) 

(नीटू कुमार) हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय एवं गायत्री विद्यापीठ में 72वाँ गणतंत्र दिवस उल्लासपूर्वक मनाया गया। शांतिकुंज, देसंविवि व गायत्री विद्यापीठ परिसर में गायत्री परिवार प्रमुख, कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या एवं कुलसंरक्षिका शैलदीदी ने तिरंगे का पूजन किया। इस अवसर पर कुलाधिपति डाॅ पण्ड्या ने देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले शहीदों की याद में बनाये गये शौर्य दीवार में पुष्पचक्र अर्पित कर उनकी  वीरगाथा को याद किया। अपने संदेश में कुलाधिपति डॉ. पण्ड्या ने कहा कि गणतंत्र दिवस गौरव बोध का महापर्व है। यह स्वाभिमान जगाने का पर्व भी है। उन्होंने कहा कि सबसे सशक्त गण तंत्र वाला देश भारत है। विषम परिस्थितियों के बीच यह महापर्व हम सभी के  िलए एक विशेष संदेश लेकर आया है। कुलाधिपति ने कहा कि देश की गौरव गरिमा को अक्षुण्य बनाये रखने लिए अपना समय, प्रतिभा लगाने हेतु सभी को तैयार रहना चाहिए। कहा कि भारत के गणों (नागरिकों) को जागरुक होने की जरूरत है, जिससे तंत्र अपनी जिम्मेदारियों को कुशलतापूर्वक निर्वहन करें। कुलाधिपति ने युवाओं को अपने नागरिक कर्त्तव्यों का पालन करते हुए अपने विवेक  के अनुसार कार्य करने की अपील की। गायत्री परिवार प्रमुख ने आपके द्वार पहुंचा हरिद्वार योजना के अंतर्गत चलाये जा रहे कार्यक्रमों से अवगत कराया। देसंविवि की कुलसंरिक्षका शैलदीदी ने भारत की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं को आगे बढ़कर ईमानदारी के साथ राष्ट्रोत्थान के कार्यों में जुटने का आवाहन किया।  इस अवसर पर गायत्री विद्यापीठ एवं देसंविवि के स्काउट-गाइड के बच्चों ने मुख्य अतिथि को गार्ड आफ ऑनर दिया। इस अवसर पर देसंविवि के कुलपति श्री शरद पारधी, प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, कुलसचिव श्री बलदाऊ देवांगन, श्री शिवप्रसाद मिश्र सहित शांतिकुंज, देसंविवि व गायत्री विद्यापीठ परिवार उपस्थित रहे।

Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours