हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। 2 अक्टूबर 1994 में मुजफ्फरनगर और रामपुर तिराहा कांड में शहीद हुए आंदोलनकारियों के आरोपियों को सजा दिलाए जाने की मांग की है। राज्य के गठन सहित अब तक 26 वर्ष बीत गए हैं परंतु उत्तराखंड आंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारियों को आज तक न्याय नहीं मिल पाया है, भाजपा और कांग्रेस की सरकारें आती-जाती रही हैं, किंतु मुजफ्फरनगर, रामपुर तिराहा कांड के आरोपी आज तक खुले में घूम रहे हैं, उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी मिलेगी जब उनके आरोपियों को सजा मिल मिलेगी, ज्ञापन में सरकार से मांग की सरकार उच्च न्यायालय में चल रहे मुकदमे 2 अक्टूबर 1994 में मुजफ्फरनगर, रामपुर तिराहा कांड में उत्तराखंड सरकार पैरों कारी कर आरोपियों को सजा दिलवाये। ज्ञापन देने वालों में-आर एस मनराल, भीम सेन रावत, सुरेन्द्र सेनी, राजेश गुप्ता, आनन्द सिंह नेगी प्रमुख थे।



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