हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। लक्सर में आगामी 27 मई एक जून और पांच जून को तीन बड़े धार्मिक मेलों का आयोजन होना था। तीनों ही धार्मिक आयोजन क्षेत्रीय जनता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन तीनों ही आयोजनों में क्षेत्रीय लोगों के साथ देश के कोने कोने से श्रद्धालु आते हैं। इन तीनों आयोजनों से क्षेत्रीय लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं ।कहा जाता है कि सिद्धबली मंदिर व महा पंचेश्वर महादेव मंदिर के इन मेलों में देश के कोने कोने से श्रद्धालु आते हैं और इन मंदिरों में पूजा अर्चना कर अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए भगवान से पूजा अर्चना करते हैं। महादेव उन सभी लोगों की मनोकामना पूर्ण करते हैं। साथ ही हरिद्वार-पथरी जंगल में स्थित विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत शाह मोहम्मद शाह उर्फ काठा पीर के उर्स का आयोजन हर वर्ष किया जाता है, जो 3 रात और 3 दिन चलता है। इस उर्स में सभी समुदाय के लोग लाखों की संख्या में भाग लेकर बाबा की दरगाह पर पहुंचते हैं और बाबा की दरगाह पर अपनी अपनी मन्नतें मांगते हैं।
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शाह मोहम्मद शाह उर्फ पाठा पीर बाबा की मान्यता है कि पीर बाबा के दरबार से आज तक कोई खाली हाथ नहीं गया। यही कारण है कि यहां देश के कोने-कोने से लाखों की तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं और पीर बाबा से अपनी मनोकामना पूर्ण करने की गुहार लगाते हैं। ऐसे धार्मिक स्थलों पर सरकार की जारी की गई एडवाइजरी के कारण क्षेत्रीय प्रशासन ने रोक लगा दी है। आगामी 27 मई 1 जून व और 5 जून को होने वाले तीनों धार्मिक आयोजनों को उपजिलाधिकारी ने प्रतिबंधित कर दिया है। हालांकि इन पर लगे प्रतिबंध से क्षेत्रीय लोगों में रोष है। लेकिन कोरोना जैसी महामारी के चलते क्षेत्रीय लोग अपने दुख को दिल में दबा कर इस प्रतिबंध को मानने के लिए तैयार है। हमने इस बारे में लक्सर एसडीएम पूरण सिंह राणा से बात की तो उन्होंने बताया कि सरकार ने आम आदमी को महामारी से बचाए रखने के लिए इस तरह के सभी आयोजनों पर प्रतिबंध लगा रखा है। सरकार की एडवाइजरी के तहत क्षेत्र में आगामी समय में होने वाले सभी आयोजनों पर रोक लगा दी गई है। इस रोक के चलते किसी भी आयोजन को नहीं होने दिया जाएगा।



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