हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। शासन के लाख प्रयास के बाद भी बाल विकास परियोजना के अंतर्गत चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र भ्रष्टाचार के मकड़जाल में दम तोड़ते नजर आ रहे हैं, आंगनबाड़ी से संबंधित लाभार्थियों को योजना का लाभ नही मिल पा रहा है, आरोप है कि मुख्य सेविकाओं और कार्यकत्रियों की मिली भगत से कागजों का पेट भर कर धन का बंदरबांट किया जा रहा है, यहां तक आंगनबाड़ी भवन होने के बाद भी कार्यकत्री अपने घर पर ही आंगनबाड़ी संचालित कर रही हैं, और आंगनबाड़ी भवन के नाम पर सरकारी धन भी वसूल रही है, आपको बतादे कि जनपद के अंतर्गत बाल विकास परियोजनांतर्गत चलाए जा रहे, आंगनबाड़ी केंद्र अधिकतर भ्रष्टाचारी के मकड़जाल में फस कर दम तोड़ रहे है, गर्भवती महिलाओं को मिलने वाला पोषाहार तथा आंगनबाड़ी में बच्चों को दलिया, खिचड़ी बनाने के लिए दिया जाने वाला धन भी बंदरबांट की भेंट चढ़ रहा है, बताया जा रहा है कि प्रत्येक केंद्र पर मुख्य सेविका के सहयोग से फर्जी तरीके से बच्चों का नाम दर्ज करके बच्चों की उपस्थिति दिखाई जा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों को छोड़कर अन्य सभी केंद्रों पर बच्चों की संख्या पंजीयन के सापेक्ष 20 वां भाग भी नहीं रहती है, किसी भी केंद्र पर बच्चों के अवकाश के बाद भी कार्यकत्रियों द्वारा अपनी मनमर्जी से उपस्थिति दर्ज कर दी जाती है और समय से बच्चों की कभी भी उपस्थिति नहीं ली जाती है, शिकायतकर्ता नफीस अहमद ने आरोप लगाया है कि जनपद में चलाई जा रही आंगनबाड़ी अधिकतर भ्रष्टाचारी में लिफ्ट है, यहां तक आंगनबाड़ी से गर्भवती महिलाओं और बच्चोंं को मिलने वाला पोषाहार सामग्री का भी बंदरबांंट किया जाता है, उन्होंने बताया कि इस बड़ी भ्रष्टाचारी में अधिकारी, कर्मचारी, मुख्य सेविका और कार्यकत्रियों की मिलीभगत के कारण यह खेल खेला जा रहा है, जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी की भी अहम भूमिका है, जो अपने कर्तव्य के प्रति गंभीर नहीं है और अपनी हठधर्मि कर पूरे विभाग को भ्रष्टाचारी के दलदल में धकेल दिया है, उन्होंने बताया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी को रुड़की ब्लॉक गांव रतनपुर की आंगनबाड़ी के भ्रष्टाचार से 11.7.2019 को लिखित शिकायत देकर अवगत कराया था, और मांग की गई थी कि कई वर्षों से बने आंगनबाड़ी भवन में बच्चों को बिठाया जाए, और जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए, लेकिन लिखित शिकायत करने के बाद भी आज तक कोई उचित निर्णय या कार्यवाही नहीं की गई है और लगातार गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है, उन्होंने बताया कि जल्द ही आलाधिकारी की हठधर्मी के विरुद्ध और आंगनबाड़ी भवन के नाम पर लिये जा रहे सरकारी धन की रिकवरी के लिए माननीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो सके, उन्होंने कहा कि जनपद में संचालित आंगनबाड़ियों केंद्रों की जांच करने की भी मांग की जाएगी, जिससे आलााधिकारियों द्वारा रचाया जा रहा भ्रष्टाचारी का खेल सामने आ सकेगा, और भ्रष्टाचारी में लिप्त दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो सकेगी, जिससे जनपद की आंगनबाड़ी केंद्र भ्रष्टाचार से मुक्त हो सके।



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