हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। संतों का जीवन सदैव परोपकार को समर्पित होता है संत ही अपने भक्तों को ज्ञान की प्रेरणा देकर उनके कल्याण का मार्ग दर्शन करते हैं, उक्त उद्रार भूपतवाला स्थित निराला धाम आश्रम की परमाध्यक्ष राजमाता आशा भारती ने आश्रम में आयोजित 31वें विराट शिव शक्ति महायज्ञ के दौरान संत सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए, उन्होंने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी लहरी बाबा एक महान संत थे जिन्होंने सदैव समाज का मार्गदर्शन कर समाज को नई दिशा प्रदान की है, राष्ट्रीय निर्माण में उनका योगदान सदैव अतुलनीय रहेगा, उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज सेवा में योगदान करने का संकल्प ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी, स्वामी रविदेव शास्त्री महाराज ने कहा कि संतो के दर्शन मात्र से ही पापों की निवृत्ति व पुण्य की प्राप्ति होती है, जीवन में ज्ञान का प्रकाश होता है ब्रह्मलीन स्वामी लहरी बाबा साक्षात त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति और युवा संतों के आदर्श थे, स्वामी राघवानन्द महाराज ने कहा कि महापुरुष केवल शरीर त्यागते हैं, समाज कल्याण के लिए उनकी आत्मा सदैव व्यवहारिक रूप से उपस्थित रहती है ब्रह्मलीन स्वामी लहरी बाबा एक दिव्य महापुरुष थे गौ व गंगा सेवा उनके जीवन का ध्येय था सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए समाज सेवा में योगदान करना चाहिए, उन्हीं की प्रेरणा से राजमाता आशा भारती विराट शिव शक्ति महायज्ञ का निरंतर आयोजन कर रही है, विश्व कल्याण की कामना कर रही है, कार्यक्रम में पधारे संतों का रमेश मिड्डा, सतीश अग्गी, श्यामलाल चंद्रप्रकाश, विनोद गोयल, महेश शर्मा, सुनील गंभीर, मोहनलाल व सुरेश रेवाड़ी ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर आचार्य सूर्य देव, स्वामी ज्ञानानंद, स्वामी शिवानंद, स्वामी सत्यानंद, महंत जमनादास, महंत दिनेश दास, महंत सूरज दास, महंत अमित दास, स्वामी केशवानंद, महंत मोहन सिंह, स्वामी सूर्यदेव महाराज, महंत पटवारी, महंत रामदास, स्वामी सूर्य प्रकाश, पार्षद अनुरूद्ध भाटी, विनीत जौली आदि सहित बड़ी संख्या में संत व श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।



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